
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के लोकार्पण के चंद दिनों बाद ही कस्बे में थाने के सामने दायीं तरफ फ्लाईओवर की दीवार दरक गई। इसे रोकने के लिए आनन-फानन में एंकर प्लेट्स लगा दी गई। इससे फिलहाल दीवार का दरकना तो थम गया है, लेकिन निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
12 हजार करोड़ रुपये की लागत से बने 213 किमी लंबे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का लोकार्पण 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। खुद केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी दिल्ली से कार द्वारा इस पर गणेशपुर तक पहुंचे थे। केंद्र सरकार इस एक्सप्रेसवे को अपनी बड़ी उपलब्धियों में से एक मानकर चल रही है।
अब सवाल उठता है कि इतना बड़ा और महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के निर्माण में इतनी जल्दी और इतनी बड़ी खामी कैसे आयी? इससे पहले भी इस प्रोजेक्ट में कई सारे पिलर कमजोर पाए गए थे जिनको ऊपर से जैकेट्स पहनाए गए थे।
दीवार दरकने पर एंकर प्लेट्स विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल अस्थायी उपाय है। आमतौर पर एंकर प्लेट्स का इस्तेमाल 50 से 100 साल पुरानी या कमजोर दीवारों को सहारा देने के लिए किया जाता है, न कि नई बनी संरचनाओं में।





