
आजादी के बाद से पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में अब तक का सबसे अधिक मतदान प्रतिशत दर्ज किया गया। पश्चिम बंगाल में पहले चरण में 91.40 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है। जबकि तमिलनाडु में 84.35 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
बंगाल और तमिलनाडु में मतदान समाप्त होने के बाद प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के भ्रष्टाचार का सूरज डूब चुका है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि बंपर मतदान का कारण मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (SIR) का प्रतिरोध है।
पश्चिम बंगाल के मालदा में मतदान के दौरान हिंसा की घटना सामने आई है। यहां की चांचल विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार रतन दास के पोलिंग एजेंट लक्ष्मण पांडेय पर टीएमसी कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर हमला कर दिया है। इस दौरान उनकी गाड़ी में भी जमकर तोड़फोड़ की गई।
बीरभूम जिले के दुबराजपुर विधानसभा क्षेत्र में सुरक्षा बलों को निशाना बनाया गया है। यहां तैनात सीआरपीएफ (CRPF) के जवानों पर स्थानीय लोगों ने अचानक पथराव कर दिया, जिससे इलाके में तनाव फैल गया है।
पश्चिम बंगाल में पहले चरण के तहत 152 सीटों पर मतदान कराए गए। तमिलनाडु में सभी 234 सीटों पर एक ही चरण में वोट डाले गए। शाम छह बजे आधिकारिक रूप से मतदान समाप्त हो गया।
तमिलनाडु में भारी मतदान के बीच तिरुनेलवेली जिले के पेरुमपथु गांव ने चुनाव का पूर्ण बहिष्कार किया। जिले का औसत मतदान 77.69 फीसदी रहा, लेकिन 969 मतदाताओं वाले इस गांव में केवल तीन लोगों ने वोट डाला। यह बहिष्कार मार्च में हुई एक हिंसक घटना के विरोध में किया गया। तब एक गिरोह ने गांव में हमला कर दो लोगों की हत्या कर दी थी और सात को गंभीर घायल कर दिया था।
बंगाल और तमिलनाडु में मतदान समाप्त होने के बाद देश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, आजादी के बाद से पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में अब तक का सबसे अधिक मतदान प्रतिशत दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के प्रत्येक मतदाता को सलाम करता है।





