आपके घर में ऐसे चोर हैं जिनसे आप स्वयं चोरी करा रहे हैं  

आपका स्मार्ट टीवी, मोबाइल फोन, पीसी, लेपटॉप, स्मार्ट स्पीकर एलेक्सा आदि सभी ऐसे चोर हैं जिन्हें आप अपने सारे भेद स्वयं दे रहे हैं और चुपचाप चोरी करा रहे हैं। आप कभी सोचते ही नहीं हैं कि आपके घर के कोने में रखा हुआ स्मार्ट टीवी या आपकी जेब में रखा हुआ स्मार्टफोन या मेज पर रखा हुआ गूगल का जासूस एलेक्सा चुपचाप आपकी बातें सुन रहा है और अपने आका को सूचना भेज रहा है।

एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर चलने वाले होम एप्लायंसेज सिर्फ आपकी कमांड का इंतजार नहीं करते, बल्कि वे बैकग्राउंड में सक्रिय रहकर डेटा भी इकट्ठा करते हैं। ये डेटा थर्ड पार्टी एडवरटाइजिंग कंपनियों को बेचा जाता है, जो इसका इस्तेमाल आपकी पसंद-नापसंद को समझने और आपको विज्ञापनों के जाल में फंसाने के लिए करती हैं।

तकनीकी भाषा में इसे ‘ऑलवेज ऑन’ लिसनिंग कहा जाता है। आपके फोन में मौजूद सिरी, गूगल असिस्टेंट या एलेक्सा तभी काम करते हैं जब वे एक खास ‘वेक वर्ड’ सुनते हैं और उस वेक वर्ड को सुनने के लिए उन्हें हर वक्त एक्टिव रहना पड़ता है। इसका मतलब है कि आपका माइक्रोफोन हमेशा खुला है आपकी सभी बातें सुन रहा है। और अपने आका को भेज रहा है।

उदाहरण के लिए यदि आप अपने घर में बैठे हुए आपस में बात कर रहे हैं कि जींस तो शर्ट खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं। और कुछ ही देर बाद आप अपने फोन पर नेट सर्फिंग करते हैं तो आपको तरह तरह से जींस तो शर्ट के ऑफर दिखने लगते हैं। ये कोई सामान्य जादू नहीं है बल्कि ये एआई का जादू है जोकि आपके आसपास विराजमान आपके इलेक्ट्रॉनिक स्मार्ट गैजेट्स कर रहे हैं।

स्मार्ट टीवी में ACR यानी ऑटोमैटिक कंटेंट रिकग्निशन ये टेक्नोलॉजी काम करती है जो ट्रैक करती है कि आप टीवी पर क्या देख रहे हैं, कितनी देर देख रहे हैं और आपकी पसंद क्या है। ये सिर्फ टीवी चैनल्स तक सीमित नहीं है, बल्कि अगर आप कोई गेम खेल रहे हैं या डीवीडी देख रहे हैं, तो भी ये डेटा रिकॉर्ड होता है। और यही सब कमांड सर्वर को भेजा जाता है। ये सभी गतिविधियां चोरी है जो हम खुद अपने घर में करा रहे हैं और अपने आप को स्मार्ट समझ रहे हैं।

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