भारत से नेपाल में जाने वाले सामान पर भंसार (कस्टम) नियम पर व्यापारियों के जबर्दस्त विरोध को देखते हुए नेपाल सरकार पीछे हटी

नई दिल्ली।

भारत से नेपाल में जाने वाले सामान पर भंसार (कस्टम) नियम पर व्यापारियों के जबर्दस्त विरोध को देखते हुए सरकार पीछे हटी है। फिलहाल भारत से आने वाले सामान पर एमआरपी आधारित कस्टम क्लियरेंस में छूट देते हुए कहा गया है कि सामान लाने वाले स्वयं उसके मूल्य की घोषणा कर सकते हैं।

नेपाल सरकार ने कमाई बढ़ाने के इरादे से हाल ही में नया नियम लागू किया था, जिसके तहत सीमापार से आने वाले उन लोगों से कस्टम ड्यूटी वसूली जा रही है, जो अपने साथ 100 नेपाली रुपये से ज्यादा का सामान लेकर नेपाल आ रहे हैं। इसके लिए सभी सामान पर एमआरपी लिखना जरूरी बना दिया गया था।

इस नए नियम का सबसे ज्यादा खामियाजा उन लोगों को भुगतना पड़ रहा है, जो भारत से सामान ले जाते हैं। सरकार के इस फैसले से व्यापारी नहीं, आम नेपाली नागरिक भी परेशान हैं और अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। सरकार के इस बेतुके फैसले से भारत से लगी सीमा पर जमा होने वाले रेवेन्यू में भी भारी कमी आ गई है। व्यापारिक संगठनों ने सरकार को चेतावनी दी थी कि इस अव्यावहारिक नियम से देश में जरूरी सामानों की किल्लत और घाटा बढ़ सकता है।

आम लोगों और व्यापारियों के विरोध और समस्याओं को देखते हुए सरकार ने अब इस पर पीछे हटने का फैसला किया है. सरकार ने तय किया है कि नई व्यवस्था के तहत सामान लेकर आने वाले लोग अब कस्टम पॉइंट पहुंचने पर वस्तुओं की एमआरपी को लेकर खुद घोषणा कर सकेंगे और क्लियरेंस हासिल कर सकेंगे

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