मासिक धर्म को लेकर करें खुलकर बात- डॉ. खुशबू केसरवानी

– विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस पर आयोजित हुए जागरुक कार्यक्रम

– मासिक धर्म के दौरान सेनेटरी पैड उपयोग कई संक्रमण व बीमारियों से बचा सकता है

आगरा,

जनपद में बुधवार को ‘विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस’ इस वर्ष की थीम टूगेदर फॉर अ पीरियड फ्रेंडली वर्ल्ड के अनुरूप मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न स्वास्थ्य इकाइयों पर जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन जागरुकता गतिविधियों का उद्देश्य युवाओं को मासिक धर्म के प्रति जागरूक करना और इसके प्रति समाज में फैली गलत धारणाओं को दूर करना था।

जिला महिला अस्पताल स्थित साथिया केंद्र में प्रमुख वक्ता डॉ. खुशबू केसरवानी व अर्श काउंसलर रूबी बघेल ने युवाओं को संबोधित करते हुए बताया कि मासिक धर्म कोई गंदा खून नहीं बल्कि एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक माह किशोरियों और महिलाओं को होने वाला पीरियड एक सामान्य और आवश्यक प्रक्रिया है। इस प्राकृतिक प्रक्रिया को लेकर समाज में व्याप्त मिथकों और वर्जनाओं को तोड़ना आवश्यक है।

डॉ. खुशबू केसरवानी ने कहा कि मासिक धर्म के दौरान निज स्वच्छता का ध्यान रखना अति आवश्यक है। मासिक धर्म के दौरान सेनेटरी पैड का उपयोग करना जरूरी है।

अर्श काउंसलर रुबी बघेल ने बताया कि बीते एक वर्ष में साथिया केंद्र द्वारा में आठ हजार किशोर-किशोरियों की मासिक धर्म स्वच्छता को लेकर काउंसलिंग की गई है।

जिला पुरुष अस्पताल स्थित साथिय केंद्र में अर्श काउंसलर अरविंद कुमार ने युवाओं बताया कि उन्होंने कहा कि किशोर-किशोरियों, महिला-पुरुष सभी को इस बारे में जानकारी होना आवश्यक है। समाज में जागरुकता से कई गंभीर बीमारियों व संक्रमण से बचा जा सकता है।

युवाओं ने बैठक में संकल्प लिया कि वे अपने घर की महिलाओं और किशोरियों के पीरियड के समय उनकी मदद करेंगे और इस विषय पर खुलकर बात करेंगे। उन्होंने कहा कि मासिक धर्म पर खुलकर चर्चा करना और इसे सामान्य मानना महत्वपूर्ण है ताकि महिलाओं को शर्म या संकोच का सामना न करना पड़े।

कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में आरबीएसके के चिकित्साधिकारी डॉ. मो. राजू और न्यूट्रिशन इंटरनेशनल मंडलीय समन्वयक विद्या वर्मा व स्कूल की प्रिसिंपल डॉ. प्रीती द्वारा आयोजित क्लास में माहवारी स्वच्छता, सेनेटरी पैड के उपयोग व वितरण संबंधी जानकारी दी गई। बालिकाओं को बताया गया कि माहवारी के दौरान कपड़े का उपयोग न करें।

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के डीईआईसी मैनेजर रमाकांत द्वारा बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्कूलों में जाकर 43165 किशोरियों को 379852 कुल सेनेटरी पैड का वितरण स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया गया है।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा मासिक धर्म स्वच्छता को लेकर विभिन्न गतिविधियों का आयोजन पूरे साल किया जाता है। अभियान का उद्देश्य है कि सभी मिलकर मासिक धर्म स्वच्छता और इसके प्रति जागरूकता फैलाने का काम करें, जिससे महिलाओं और किशोरियों को एक स्वस्थ और सशक्त जीवन जीने का अवसर मिल सके।

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