
नई दिल्ली।
एक्टर राजपाल यादव चेक बाउंस से जुड़े पुराने मामले में फरवरी 2026 में जेल की सजा काट चुके हैं और उसके बाद से अंतरिम जमानत पर बाहर हैं। लेकिन अब मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड की तरफ से दायर याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट का फैसला आ गया है और फिलहाल अपडेट ये है कि बॉलीवुड एक्टर को इस मामले में कोई राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने उनकी सजा को बरकरार रखा है और अधिकारियों को आदेश दिया है कि एक्टर को फिर से जेल में डाला जाए।
जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा कि राजपाल यादव को अपना वादा पूरा करने के कई मौके दिए गए लेकिन वे ऐसा करने में नाकाम रहे हैं। कोर्ट ने राजपाल यादव को उनके खिलाफ दर्ज 7 मामलों में से हर एक में 3 -3 महीने की साधारण कैद की सजा सुनाई है। साथ ही उन्हें हर मामले में 1.05 करोड़ का जुर्माना भरने का भी आदेश दिया गया है। हालांकि ये सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
इस मामले में सबसे गंभीर बात ये है कि दिल्ली हाई कोर्ट राजपाल यादव के रवैये से खुश नहीं है। कोर्ट का मानना है कि राजपाल का कोर्ट के प्रति ये रवैया संदिग्ध है और उन्हें इस केस में फिलहाल राहत नहीं दी जा सकती है। बार-बार आश्वासन देने के बाद भी एक्टर बकाया रकम चुकाने में असफल रहे हैं। अब हाई कोर्ट ने अधिकारियों को आदेश दिया है कि राजपाल को फिर से जेल भेजा जाए। कोर्ट के इस निर्णय के बाद राजपाल यादव की मुसीबतें और बढ़ सकती हैं।
एक्टर ने साल 2010 में अता पता लापता नाम से एक फिल्म बनाई थी। इस फिल्म में एक्टर ने मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से हाथ मिलाया था और 5 करोड़ रुपये का लोन लिया था। लेकिन ये फिल्म फ्लॉप हो गई थी और राजपाल यादव लोन वापस नहीं कर सके थे। इस दौरान ब्याज के साथ ये रकम बढ़कर 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई थी। इसके बाद जो चेक राजपाल यादव ने प्रोडक्शन कंपनी को दिए वो बाउंस हो गए। उसके बाद मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने राजपाल यादव के खिलाफ कोर्ट में केस दायर किया था जिसमें राजपाल यादव को सजा सुनाई गई।











