28 फरवरी को ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से ही फंसे हुए यूरिया, डीएपी, से लदे 15 जहाज भारत पहुँचने वाले हैं

नई दिल्ली।

28 फरवरी को ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से ही फंसे हुए यूरिया, डीएपी, सल्फर से लदे 15 जहाज अब भारत पहुँचने वाले हैं। सरकार के मुताबिक, यहां 15 जहाज जो खाद और उसके कच्चे माल (जैसे यूरिया, DAP, सल्फर) ले जा रहे थे, वो सुरक्षित रूप से निकल आए हैं। ऐसे में खाद की आपू्र्ति आसानी से हो सकेगी और किसानों को अपनी खेती के लिए इसकी किल्लत भी नहीं होगी। फर्टिलाइजर विभाग ने बताया कि यूरिया, डाई-अमोनियम फॉस्फेट (DAP) और सल्फर ले जा रहे शिपमेंट भारतीय बंदरगाहों पर पहुंच रहे हैं।

मंत्रालय के अनुसार, भारत ने ओमान, मलेशिया, वियतनाम, नाइजीरिया, रूस, मिस्र और अल्जीरिया जैसे देशों से यूरिया मंगाया, जबकि DAP और NPK फर्टिलाइज़र रूस, मोरक्को, जॉर्डन, सऊदी अरब और अमेरिका जैसे सप्लायर से वैकल्पिक शिपिंग रूट के जरिए मंगाए गए हैं। ग्लोबल सप्लाई चेन में रुकावटों के बावजूद, सरकार ने पहले से प्लानिंग, आयात में विविधता लाने और विदेशों में भारतीय मिशनों के साथ करीबी तालमेल के जरिए फर्टिलाइज़र की बिना रुकावट सप्लाई सुनिश्चित की है।

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