
नई दिल्ली।
मोदी की ऑस्ट्रेलिया यात्रा के दौरान यूरेनियम, रक्षा, समुद्री सुरक्षा, साइबर प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, शिक्षा और आतंकवाद-रोधी सहयोग सहित 18 प्रमुख समझौतों पर सहमति बनी है। दोनों देशों ने ऊर्जा सुरक्षा और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में साझेदारी मजबूत करने का निर्णय लिया। आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद के खिलाफ सहयोग को और मजबूत करने का फैसला किया।
भारत और ऑस्ट्रेलिया ने संयुक्त सैन्य अभ्यास, विशेषज्ञों के आदान-प्रदान, सूचना साझा करने और क्वाड इंडो-पैसिफिक लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के माध्यम से मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (एचएडीआर) सहयोग का विस्तार करने पर भी सहमति जताई। भारत और ऑस्ट्रेलिया ने संयुक्त सैन्य अभ्यास, विशेषज्ञों के आदान-प्रदान, सूचना साझा करने और क्वाड इंडो-पैसिफिक लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के माध्यम से मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (एचएडीआर) सहयोग का विस्तार करने पर भी सहमति जताई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यात्रा के दौरान हुए समझौते भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बढ़ते विश्वास और साझा भविष्य की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि दोनों देश विकास, नवाचार और साझा समृद्धि के नए अवसरों का सृजन करने के लिए मिलकर आगे बढ़ते रहेंगे। दोनों नेताओं ने कहा कि विस्तारित रणनीतिक साझेदारी भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बढ़ते विश्वास का प्रतीक है और दोनों देश इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए साथ मिलकर काम करते रहेंगे।
ऑस्ट्रेलिया का सफल दौरा पूरा करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी न्यूजीलैंड के लिए रवाना हो गए। यात्रा समाप्त होने पर पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज, उनकी सरकार और जनता की गर्मजोशी के लिए आभार व्यक्त किया।पीएम मोदी ने यह भी कहा कि इस यात्रा ने हमारी साझेदारी को और मजबूत किया है।










