सी. एल. जैन महाविद्यालय, फिरोजाबाद में रविवार को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए पौधारोपण कार्यक्रम किया गया

फिरोजाबाद।
– सी. एल. जैन महाविद्यालय में पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन
सी. एल. जैन महाविद्यालय, फिरोजाबाद में रविवार को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए पौधारोपण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महाविद्यालय के प्रबंध समिति के सचिव श्री प्रवीण कुमार भटनागर जी (एडवोकेट), प्रबंध समिति के सदस्य एवं समाज सेवी श्री दिव्यांश जैन जी तथा प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. जी सी यादव जी के नेतृत्व में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के सचिव श्री प्रवीण कुमार भटनागर जी द्वारा पौधारोपण करके किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण, शिक्षणेत्तर कर्मचारी गण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम में महाविद्यालय में एन सी सी( ए एन ओ) लेफ्टिनेंट डॉ अरुण यादव, रेंजर्स रोवर्स प्रभारी डॉ श्रीमती रश्मि जिंदल, डॉक्टर के के सिंह, डॉ प्रदीप जैन, डॉ दीपिका चौधरी, एन एस एस प्रभारी डॉ शिवानी गोयल ने, एन सी सी कैडेट्स, एन एस एस व रेंजर्स रोवर्स के छात्र-छात्राओं द्वारा महाविद्यालय के ग्राउंड में विभिन्न प्रकार के पौधे लगाए।

कार्यक्रम का सफल आयोजन बागवानी प्रभारी डॉक्टर एस पी सिंह, सदस्य डा प्रदीप जैन, डॉ कुबेर सिंह ने किया। कार्यक्रम में शिक्षक गण प्रोफेसर उदय राज सिंह, डॉ सर्वेश यादव , डॉ हेमलता यादव, डॉ रविन्द्र कुमार,श्री दीपक कुमार, डॉ संजय सिंह, डॉ रूबी यादव, डॉ राहुल चतुर्वेदी आदि, सभी शिक्षणेत्तर कर्मचारी गण और छात्र छात्राएं उपस्थित रहे
महाविद्यालय प्रबंध समिति के सचिव श्री प्रवीण कुमार भटनागर (एडवोकेट), श्री दिव्यांश जैन जी तथा,प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. जी सी यादव ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में कहा कि पौधे प्रकृति की अमूल्य देन हैं और इनके संरक्षण से ही हम आने वाली पीढ़ियों को एक स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण प्रदान कर सकते हैं। उन्होंने छात्रों को प्रतिवर्ष एक पौधा लगाने एवं उसकी देखभाल करने की प्रेरणा दी।

इस अवसर पर महाविद्यालय परिसर में नीम, अशोक, अमलतास, इमली,आंवला अमरूद , कटहल, जामुनआदि विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए। पौधारोपण के पश्चात सभी प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी ली। यह आयोजन छात्रों में प्रकृति के प्रति जागरूकता एवं उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने की दिशा में एक सफल कदम रहा।

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