
कॉनकोर के व्यापार सम्मेलन में निर्यात, कंटेनरीकृत परिवहन, डबल-डेकर ट्रेन सेवाओं एवं आधुनिक लॉजिस्टिक्स पर हुआ व्यापक मंथन
आगरा,
रेल मंत्रालय के अधीन सार्वजनिक क्षेत्र के अग्रणी उपक्रम भारतीय कंटेनर निगम लिमिटेड (कॉनकोर) द्वारा बुधवार को होटल क्लार्क्स शिराज, आगरा में एक भव्य व्यापार सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, अलीगढ़ एवं आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़े आयात-निर्यात व्यवसायियों, फ्रेट फॉरवर्डर्स, कस्टम हाउस एजेंटों, लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाताओं, उद्योगपतियों तथा विभिन्न व्यापारिक एवं औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य क्षेत्रीय उद्योगों एवं निर्यातकों को आधुनिक लॉजिस्टिक्स समाधान, कंटेनरीकृत परिवहन सेवाओं तथा वैश्विक व्यापार की नई संभावनाओं से अवगत कराना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ कॉनकोर के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक संजय स्वरूप, मुख्य महाप्रबंधक (सीजीएम) रितु शर्मा तथा विभिन्न औद्योगिक एवं व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके उपरांत मुख्य महाप्रबंधक रितु शर्मा ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि कॉनकोर उद्योगों को आधुनिक, सुरक्षित एवं किफायती लॉजिस्टिक्स सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि उद्योगों के साथ सतत संवाद, बेहतर समन्वय तथा ग्राहक-केंद्रित सेवाएं ही कॉनकोर की कार्य संस्कृति का आधार हैं और ऐसे सम्मेलन उद्योग एवं लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के बीच मजबूत साझेदारी स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सम्मेलन की अध्यक्षता कॉनकोर के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक संजय स्वरूप ने की। इस अवसर पर सीएलई के उप निदेशक आर.के. शुक्ला, आगरा फुटवियर मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स चैंबर के अध्यक्ष गोपाल गुप्ता, हैंडिक्राफ्ट एक्सपोर्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रजत अस्थाना, एफमेक के उपाध्यक्ष राजेश सहगल तथा आगरा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज़ के अध्यक्ष मनोज बंसल मंचासीन रहे।

अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में संजय स्वरूप ने कहा कि मजबूत, आधुनिक एवं किफायती लॉजिस्टिक्स व्यवस्था ही भारत को वैश्विक व्यापार शक्ति बनाने का सबसे महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत-2047’ के विज़न को साकार करने में लॉजिस्टिक्स क्षेत्र की निर्णायक भूमिका होगी। कॉनकोर केवल कंटेनर परिवहन सेवा प्रदाता नहीं, बल्कि उद्योगों और निर्यातकों का विश्वसनीय विकास सहयोगी है, जिसका उद्देश्य लॉजिस्टिक्स लागत कम करना, सुरक्षित एवं समयबद्ध परिवहन सुनिश्चित करना तथा भारतीय उत्पादों को वैश्विक बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश, विशेषकर आगरा, फुटवियर, चमड़ा, हस्तशिल्प तथा इंजीनियरिंग उत्पादों का महत्वपूर्ण निर्यात केंद्र है। इस क्षेत्र की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कॉनकोर द्वारा जेएनपीटी एवं मुंद्रा बंदरगाह से डबल-डेकर कंटेनर ट्रेन सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। इससे अधिक कंटेनरों का एक साथ परिवहन संभव होगा, ट्रांजिट समय घटेगा तथा लॉजिस्टिक्स लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी।
संजय स्वरूप ने कहा कि कॉनकोर निर्यातकों की जरूरतों के अनुरूप कंटेनरों की उपलब्धता, नियमित ट्रेन संचालन, बेहतर शेड्यूलिंग, समयबद्ध डिलीवरी तथा डिजिटल ट्रैकिंग जैसी सुविधाओं को लगातार सुदृढ़ कर रहा है। उद्योग जगत से प्राप्त सुझावों के आधार पर विशेष फ्रेट रियायतों, प्रोत्साहन योजनाओं तथा सेवा सुधार की दिशा में भी सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि दादरी, जेएनपीटी, मुंद्रा तथा आईसीडी आगरा के बीच मजबूत मल्टीमॉडल नेटवर्क विकसित किया जा रहा है, जिससे आयात एवं निर्यात दोनों को गति मिलेगी। कॉनकोर का लक्ष्य अधिक से अधिक कार्गो को कंटेनरीकृत रेल परिवहन से जोड़ना है, ताकि भारतीय उद्योगों की लागत घटे और उनके उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि कॉनकोर एक सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम होने के बावजूद व्यावसायिक दृष्टिकोण के साथ कार्य करता है। ग्राहकों के सुझावों एवं फीडबैक को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है तथा आवश्यकता के अनुरूप सेवाओं और प्रक्रियाओं में निरंतर सुधार किया जाता है।
सीएलई के उप निदेशक आर.के. शुक्ला ने कहा कि निर्यात को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए उद्योग, सरकार एवं लॉजिस्टिक्स एजेंसियों के बीच मजबूत समन्वय आवश्यक है।
आगरा फुटवियर मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स चैंबर के अध्यक्ष गोपाल गुप्ता ने कहा कि आधुनिक कंटेनरीकृत परिवहन एवं बेहतर लॉजिस्टिक्स नेटवर्क आगरा के फुटवियर उद्योग को अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त प्रदान करेगा।
हैंडिक्राफ्ट एक्सपोर्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रजत अस्थाना ने कहा कि निर्यातकों के लिए समयबद्ध कंटेनर सेवाएं, सरल कस्टम्स प्रक्रियाएं तथा विश्वसनीय लॉजिस्टिक्स व्यवस्था समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
एफमेक के उपाध्यक्ष राजेश सहगल ने कहा कि उद्योग और कॉनकोर के बीच इस प्रकार का संवाद व्यापारिक समस्याओं के समाधान तथा निर्यात संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
आगरा चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज़ के अध्यक्ष मनोज बंसल ने कहा कि मजबूत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क प्रदेश के औद्योगिक विकास, निवेश और निर्यात वृद्धि का प्रमुख आधार बनेगा।
सम्मेलन के दौरान कॉनकोर के विशेषज्ञों ने जेएनपीटी एवं मुंद्रा बंदरगाह से आईसीडी आगरा तक कंटेनरीकृत परिवहन, डबल-डेकर ट्रेन संचालन, एलसीएल एवं एफसीएल सेवाएं, कंटेनर कंसोलिडेशन, डिजिटल ट्रैकिंग, डोर-टू-डोर लॉजिस्टिक्स, फर्स्ट एवं लास्ट माइल कनेक्टिविटी तथा आधुनिक कस्टम्स सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही निर्यातकों द्वारा उठाए गए विभिन्न सुझावों एवं समस्याओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए उनके समाधान का आश्वासन दिया गया।
कार्यक्रम का संचालन आईसीडी आगरा के टर्मिनल प्रबंधक सैयद मोहम्मद अब्बास रिजवी ने किया। उन्होंने सभी अतिथियों, उद्योगपतियों, निर्यातकों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उद्योग और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के बीच निरंतर संवाद एवं समन्वय से व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी तथा क्षेत्रीय उद्योगों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों में और अधिक अवसर प्राप्त होंगे।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में अनुपम चक्रवर्ती, अशोक मौर्य, मयंक माथुर, ओम साईराम तथा राजीव चतुर्वेदी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सभी अधिकारियों ने सम्मेलन के सफल संचालन एवं व्यवस्थाओं में सक्रिय योगदान दिया।












