
गाजियाबाद।
हिंडन नदी में जल स्तर बढ़ने से फसल खराब होने का खतरा बढ़ गया है। नदी किनारे बसी बस्तियों में पानी भर गया है। जहां से हजारों लोगों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है। प्रशासन ने भी राहत कैंप लगाया है जिससे लोगों को राहत मिल सके।

लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन ने समय रहते अलर्ट जारी नहीं किया जिससे लोगों को आनन फानन में अपने घर छोड़कर जाना पड़ा है। इस कारण अनेक लोग अपना सामान भी नहीं निकाल पाएं हैं और ना ही व्यवस्थित कर पाए, जिससे उन्हें काफी नुकसान होगा।
लोगों का आरोप था कि डूब क्षेत्र की बात कहकर अधिकारी उनकी तरफ ध्यान ही नहीं दे रहे है। स्थानीय निवासी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि 3 साल पहले जो बाढ़ आई भी कम से कम उस वक्त प्रशासन ने अलर्ट तो किया था लोगों को। इस साल तो बाढ़ मानने से ही इनकार कर दिया और पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया। दूसरी तरफ अटौर नंगला गांव में भी हिंडन अपनी सीमा से बाहर निकल गाँव की तरफ बढ़ने लगा है।
कुछ किसान खेतों में बनी झोपड़ियों में रहते हैं। किसान मंगलवार को पानी कम होने का इंतजार करते रहे, लेकिन देर शाम तक जल स्तर में कोई कमी नहीं आई। जो फसलें पानी में डूब गई हैं, उनके बचने की संभावना बहुत कम है। यदि एक-दो दिन में पानी कम नहीं हुआ तो धान की फसल भी खराब होने का खतरा है। अटोर गांव क्षेत्र में नदी किनारे कृषि भूमि में पानी भरा हुआ है।








