
नई दिल्ली।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज शनिवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में शिक्षक दिवस के अवसर पर 48 स्कूली शिक्षकों को ‘राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार’ प्रदान करेंगी। ‘राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार’ का मकसद देश के कुछ बेहतरीन शिक्षकों के खास योगदान का जश्न मनाना और उन शिक्षकों को सम्मान देना है, जिन्होंने अपने समर्पण, कड़ी मेहनत और लगन से न सिर्फ स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में मदद की है, बल्कि अपने स्टूडेंट्स की जिंदगी को भी बेहतर बनाया है।
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के लिए योग्य शिक्षकों को शिक्षा मंत्रालय के पोर्टल के जरिए ऑनलाइन खुद को नॉमिनेट करने के लिए आमंत्रित किया गया था। नॉमिनेशन की प्रक्रिया 15 जून से 20 जुलाई तक खुली थी, जिससे देश भर के शिक्षक चयन प्रक्रिया में हिस्सा ले सके।
इस वर्ष स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर तीन चरणों वाली चयन प्रक्रिया के जरिए कुल 48 स्कूल शिक्षकों को चुना है। चुने गए 48 पुरस्कार विजेताओं में देश भर के अलग-अलग तरह के शिक्षक शामिल हैं। उन्हें 27 राज्यों, सात केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्र सरकार के छह संगठनों से चुना गया है। नेशनल टीचर्स अवार्ड्स के लिए चुने गए 48 शिक्षकों में से 26 पुरुष और 22 महिलाएं हैं, जो देश के अलग-अलग इलाकों और प्रशासनिक क्षेत्रों में काम करने वाले शिक्षकों की भागीदारी को दिखाता है।
विज्ञान भवन में होने वाले अवॉर्ड समारोह में चुने गए शिक्षक एक साथ आएंगे और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान का जश्न मनाएंगे। अवॉर्ड पाने वालों पर बनी शॉर्ट डॉक्यूमेंट्री उनके काम, उपलब्धियों और पढ़ाने के तरीकों से लाए गए बदलावों को और उजागर करेंगी।










