
नई दिल्ली।
पेपर लीक और उससे जुड़े सभी घटनाओं का ब्यौरा सरकार सदन में देगी। विपक्ष से आग्रह है कि दायरे में रहकर सदन में चर्चा करे। ऐसा माहौल न बनाएं जिससे चर्चा शुरू ही न पाए। सदन में चर्चा करने पर बताया जायेगा कि सरकार ने इस बारे में क्या क्या काम किए हैं।
उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वे ऐसी शर्तें न लगाएं जिससे चर्चा ही शुरू न हो सके। उन्होंने कहा कि संसद का उद्देश्य बहस और संवाद है, इसलिए सभी दलों को नियमों के तहत सार्थक चर्चा में हिस्सा लेना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “विपक्ष जो भी कहना चाहता है, वह चर्चा के दौरान पूरी तरह अपनी बात रख सकता है। यदि चर्चा लंबी चलेगी तो हर सांसद को अपनी बात रखने और अपने मुद्दे उठाने का अवसर मिलेगा। हम किसी को रोक नहीं सकते। लेकिन अगर ऐसी शर्तें रखी जाएं कि चर्चा ही न हो पाए, तो इसका मतलब है कि आप चर्चा नहीं चाहते।”
उन्होंने विपक्ष से अपील करते हुए कहा, “बेहतर होगा कि सभी दल सकारात्मक सोच के साथ चर्चा शुरू करें। किस नियम के तहत बहस होगी, कितनी देर चलेगी और कब होगी, यह फैसला सदन की अध्यक्षता कर रहे पीठासीन अधिकारी के साथ मिलकर किया जा सकता है।”









