ओआरएस-जिंक है साथ तो डायरिया से डरने की नहीं कोई बात : डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति

– विश्व ओआरएस दिवस पर किया जागरुक
– बच्चों को बताए ओआरएस के गुण
आगरा,
विश्व ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) दिवस के अवसर पर प्राथमिक विद्यालय सराय बेगा में गुरुवार को जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर पापुलेशन सर्विसेज इंटरनेशनल इंडिया (पी.एस.आई. इंडिया) और केनव्यू के सहयोग से ‘डायरिया से डर नहीं’ कार्यक्रम के तहत “ओआरएस-जिंक है साथ, तो डायरिया से डरने की नहीं कोई बात”, “ओआरएस फर्स्ट, हर बच्चा, हर दस्त” का संदेश दिया गया।

शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हरीपर्वत वेस्ट की प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीनम चतुर्वेदी के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम तहत विद्यार्थियों को डायरिया से बचाव के जरूरी टिप्स बताए गए। आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के डॉ. अंकुर ने बताया कि समय पर ओआरएस (ORS) देने से 90% डिहाइड्रेशन के केस घर पर ही ठीक हो जाते हैं।

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की डॉ. जया ने कहा कि यदि बच्चे को बार-बार पतले दस्त, तेज प्यास, सुस्ती के लक्षण दिखाई दें तो बिना विलंब निकटतम स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करना चाहिए, ताकि चिकित्सक की निगरानी में समय से उपचार शुरू किया जा सके।

पीएसआई इंडिया से असिस्टेंट मैनेजर पंकज ने बच्चों से ”स्वच्छ जल, समुचित उपचार, डायरिया से बचे हरबार” को दोहराया I कार्यक्रम में स्टाफ नर्स संध्या, एएनएम शालिनी, आशा डॉली और पीएसआई इंडिया से देवप्रिया, आरती, सोनल आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम में प्रधानाचार्य गुंजन व स्कूल स्टाफ का सहयोग सराहनीय रहा I

ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) बनाने की विधि–
– एक लीटर साफ उबला और ठंडा पानी लें
– ओआरएस का पूरा पैकेट उसमें घोलें
– थोड़ी-थोड़ी देर में चम्मच से पिलाएं
– 24 घंटे में बचा हुआ घोल फेंक दें

ओआरएस के फायदे—
– शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी तुरंत दूर होती है
– अस्पताल में भर्ती होने से बचाव होता है
– सस्ता और आसान इलाज है
– बच्चों से लेकर बूढ़ों तक सभी के लिए सुरक्षित
ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा तय अनुपात में नमक, चीनी, पोटैशियम और सोडियम होते हैं, जो शरीर में पानी और लवण की कमी को तुरंत पूरा करते हैं। गर्मी, दस्त और डिहाइड्रेशन में ओआरएस सबसे सस्ता और सबसे कारगर इलाज है। समय पर ओआरएस देने से अस्पताल में भर्ती होने से बचा जा सकता है।
डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति,
डिप्टी सीएमओ (आरसीएच) आगरा

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