
बसपा अध्यक्ष मायावती ने पीएम मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में ‘दिल्ली घोषणापत्र’ को सर्वसम्मति से जारी किया जाना आपसी सूझबूझ और कूटनीतिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों के बीच संबंधों को और मजबूत बनाने की इच्छा भी उम्मीद जगाने वाली है। रूस-यूक्रेन युद्ध और ईरान के खिलाफ अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के कारण बढ़े तनाव तथा शुल्क (टैरिफ) लगाए जाने जैसी गंभीर आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे ब्रिक्स देशों द्वारा अपने 18वें शिखर सम्मेलन में ‘दिल्ली घोषणापत्र’ को सर्वसम्मति से जारी किया जाना आपसी सूझबूझ और कूटनीतिक उपलब्धि से कम नहीं है।
कांग्रेस नेता और पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने भारत की भूमिका को लेकर अपनी राय रखी। खुर्शीद ने कहा कि भारत को अपनी अध्यक्षता के दौरान ऐसी व्यवस्था बनाने की दिशा में काम करना चाहिए, जिसमें अलग-अलग देश साझा मुद्दों पर एक साथ आ सकें। उनके मुताबिक आतंकवाद और जलवायु परिवर्तन जैसे विषयों पर वैश्विक स्तर पर सहमति बनाने की जरूरत है।
सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज ब्रिक्स में एक चमकता सितारा बनकर उभरा है। उन्होंने कहा, आईएमएफ ने अपनी रिपोर्ट जारी की और भारत की ग्रोथ के बारे में एक बहुत जरूरी बात कही है। आईएमएफ ने भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती की तारीफ की है और सर्विस सेक्टर, मैन्युफैक्चरिंग, ट्रेड और दूसरे एरिया में भारत की तरक्की को माना है।








