
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के जूडो खिलाड़ियों अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने देश को दो स्वर्ण पदक दिलाए। अस्मिता डे महिलाओं के 48 किग्रा वर्ग में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय जूडोका बनीं, जबकि हर्ष सिंह पुरुषों के 60 किग्रा वर्ग में स्वर्ण जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने।
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर दोनों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि यह भारतीय जूडो के लिए ऐतिहासिक दिन है। उन्होंने कहा कि अस्मिता डे और हर्ष सिंह का प्रदर्शन वर्षों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों खिलाड़ी भविष्य में भी देश का नाम रोशन करेंगे और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अस्मिता डे और हर्ष सिंह की उपलब्धि पर उनको बधाई दी है। उन्होंने दोनों खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी दोनों खिलाडियों को जीत की बधाई दी है।
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने अस्मिता डे को बधाई देते हुए कहा कि बेलोनिया की इस प्रतिभाशाली जूडोका ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर राज्य और देश का गौरव बढ़ाया है। हमें देश की बेटी पर गर्व है।
अस्मिता डे ने महिलाओं के 48 किग्रा वर्ग के फाइनल में कनाडा की हेइडी क्वैच को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसके कुछ ही देर बाद हर्ष सिंह ने पुरुषों के 60 किग्रा वर्ग के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के जोशुआ कैट्ज को हराकर भारत को जूडो में दूसरा स्वर्ण पदक दिलाया। दोनों जीतों के साथ भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में जूडो में नया अध्याय लिखा।











