
नई दिल्ली।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उसके आसपास के निचले वायुमंडल में एक मजबूत साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवातीय परिसंचरण) बना हुआ है। इसके साथ ही दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर भी एक ऐसी ही चक्रवातीय प्रणाली सक्रिय है। इन दोहरी मौसम प्रणालियों के कारण मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ी और तटीय राज्यों तक मानसूनी हवाएं अत्यधिक मजबूत हो गई हैं।
देश भर में मानसून एक बार फिर से बेहद आक्रामक और रौद्र रूप धारण कर चुका है। दिल्ली और आसपास के शहरों में दिन भर घने बादलों का डेरा रहेगा। 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी और हवा के झोंके चलने का अनुमान है। मौसम विभाग ने 16 अगस्त को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम के लिए विशेष सावधानी बरतने की चेतावनी जारी की है।
उत्तर प्रदेश के मेरठ, मुजफ्फरनगर, गौतमबुद्ध नगर, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, कानपुर, बिजनौर, सहारनपुर, शामली, बदायूं, शाहजहांपुर, इटावा, लखीमपुर खीरी, औरैया, जालौन, हमीरपुर, फिरोजाबाद, अयोध्या, बस्ती, बुलंदशहर, गाजीपुर, गोरखपुर, प्रयागराज और देवरिया में बारिश के साथ 60 से 70 KM/H की तूफानी हवाओं का अलर्ट है।
उत्तराखंड के नैनीताल, ऋषिकेश, बागेश्वर, हरिद्वार, अल्मोड़ा, चमोली, पिथौरागढ़, पौड़ी गढ़वाल और रुद्रप्रयाग में 50 KM/H की हवाओं के साथ भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू, सिरमौर, कांगड़ा, हमीरपुर, ऊना, बिलासपुर और सोलन में 50 से 55 KM/H की तूफानी हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश होगी।
बिहार की राजधानी पटना समेत गया, पश्चिम चंपारण, सिवान, गोपालगंज, सारण, पूर्वी चंपारण, भोजपुर, बक्सर, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, किशनगंज, अररिया, कटिहार, भागलपुर, खगड़िया और बेगूसराय में 60 से 65 KM/H की हवाएं चलेंगी। झारखंड के बोकारो, जमशेदपुर, दुमका, हजारीबाग, धनबाद, पलामू, रामगढ़, खूंटी, रांची, सिमडेगा और देवघर में 16 और 17 अगस्त को 60 KM/H की हवाओं के साथ आंधी का अलर्ट जारी किया गया है।
राजस्थान के अलवर, करौली, बारां, झालावाड़, चूरू, कोटा, सवाई माधोपुर, भरतपुर, अजमेर और भीलवाड़ा में 40 KM/H की हवाओं के साथ भारी बारिश होगी। पंजाब (पठानकोट, लुधियाना, फरीदकोट, कपूरथला, फिरोजपुर, संगरूर, होशियारपुर, अमृतसर, बठिंडा और चंडीगढ़) में हवा की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर, तटीय आंध्र प्रदेश, उत्तर और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 16 से 21 अगस्त तक मानसूनी गतिविधियां बहुत ज्यादा सक्रिय रहेंगी।









