
जापानी कंपनियों ने भारत के सेमीकंडक्टर और एआई क्षेत्रों में बढ़ते अवसरों के प्रति विश्वास जताया है। कंपनियों ने ‘मेक इन इंडिया’, ‘डिजाइन इन इंडिया’ और ‘डेवलप इन इंडिया’ के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने अपने कामकाज, क्षमताओं और संबंधित क्षेत्रों में परियोजनाओं के कार्यान्वयन की जानकारी भी केंद्रीय मंत्री को दी।
जापानी उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के सुझावों और चिंताओं का जवाब देते हुए गोयल ने भरोसा दिलाया कि भारत सरकार उठाए गए मुद्दों पर सक्रियता से काम करेगी। उन्होंने कहा कि भारत इन रणनीतिक क्षेत्रों में भारत-जापान साझेदारी की बड़ी संभावनाओं से पूरी तरह अवगत है। उन्होंने तेजी से सार्थक नतीजे हासिल करने के लिए टोक्यो स्थित भारतीय दूतावास और नई दिल्ली में संबंधित मंत्रालयों एवं विभागों के जरिए उद्योग जगत के साथ सक्रिय संपर्क बनाए रखने की बात कही।
टोक्यो में गोयल ने जापान के अर्थव्यवस्था, व्यापार एवं उद्योग मंत्री अकाजावा रयोसेई के साथ द्विपक्षीय बैठक की। दोनों मंत्रियों ने द्विपक्षीय व्यापार और निवेश सहित आर्थिक सहयोग की समीक्षा की।
दोनों मंत्रियों ने नए और उभरते क्षेत्रों, अगली पीढ़ी के उद्योगों, मैन्यूफैक्चरिंग, तकनीक और नवाचार में सहयोग पर भी चर्चा की। उन्होंने जापान से भारत में 10 ट्रिलियन येन के निजी निवेश के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में हुई प्रगति की समीक्षा की।










