ई-संजीवनी के जरिए देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लोगों को दूर से चिकित्सा परामर्श उपलब्ध, प्लेटफॉर्म पर अब तक कुल 50,00,92,730 टेली-कंसल्टेशन दर्ज

ई-संजीवनी के जरिए देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लोगों को दूर से चिकित्सा परामर्श उपलब्ध जा रहे हैं। इस प्लेटफॉर्म पर अब तक कुल 50,00,92,730 टेली-कंसल्टेशन दर्ज किये जा चुके हैं।

ई-संजीवनी वर्तमान में 1.42 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्पोक्स, 19,473 मेडिकल हब और 901 ऑनलाइन ओपीडी को सपोर्ट करता है। प्लेटफॉर्म पर 2,41,923 स्वास्थ्य सेवा प्रदाता पंजीकृत हैं। यह सेवा अंग्रेजी समेत 15 भाषाओं में उपलब्ध है और रोजाना करीब 2.5 से 3 लाख टेली-कंसल्टेशन किए जा रहे हैं। प्लेटफॉर्म पर एक दिन में सबसे अधिक 6,30,315 टेली-कंसल्टेशन दर्ज किए गए हैं।

ई-संजीवनी के इस्तेमाल में महिलाओं की हिस्सेदारी 57.14 प्रतिशत है। वहीं, कुल टेली-कंसल्टेशन में 40.15 प्रतिशत 46 वर्ष और उससे अधिक उम्र के नागरिकों द्वारा लिए गए हैं। इनमें 16.25 प्रतिशत परामर्श 60 वर्ष और उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों ने लिए हैं।

ई-संजीवनी में हाल ही में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित क्लिनिकल डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (AI-CDSS) को भी जोड़ा गया है। यह सिस्टम टेलीमेडिसिन परामर्श के दौरान स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को सहायता देता है और क्लिनिकल निर्णय लेने की प्रक्रिया को मजबूत करने में मदद करता है। इस पहल को नेशनल अवॉर्ड्स फॉर ई-गवर्नेंस 2026 में गोल्ड अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है।

इसके अलावा, ई-संजीवनी को इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम (ERSS)-112 के साथ भी जोड़ा गया है। इसका उद्देश्य आपातकालीन सेवाओं और दूरस्थ चिकित्सा विशेषज्ञता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है।

ई-संजीवनी अब प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं से आगे बढ़कर विशेषज्ञ ओपीडी परामर्श की सुविधा भी उपलब्ध करा रहा है। AIIMS जोधपुर, AIIMS जम्मू और AIIMS पटना में चुनिंदा विशेषज्ञताओं के लिए मरीज-से-डॉक्टर टेली-कंसल्टेशन सेवा शुरू की गई है। इसके जरिए मरीज घर से ही विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श ले सकते हैं।

इस सुविधा को आगे AIIMS, JIPMER और PGIMER चंडीगढ़ समेत अन्य प्रमुख सरकारी चिकित्सा संस्थानों तक विस्तारित करने की योजना है। इससे मरीजों को विशेषज्ञ परामर्श के लिए लंबी दूरी की यात्रा और तृतीयक स्वास्थ्य संस्थानों में इंतजार करने की जरूरत कम हो सकती है।

ई-संजीवनी एक मेड-इन-इंडिया डिजिटल हेल्थ समाधान है, जिसे सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (C-DAC) ने विकसित किया है। C-DAC मोहाली शुरुआत से ही इसके तकनीकी विकास और इंजीनियरिंग सपोर्ट से जुड़ा है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने भी प्लेटफॉर्म के निरंतर विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

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