कर्नाटक, केरलम, तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, लक्ष्यद्वीप,अंडमान निकोबार और पुद्दुचेरी के स्थापना दिवस पर शुभकामनाएँ

कर्नाटक, केरलम, तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, लक्ष्यद्वीप,अंडमान निकोबार और पुद्दुचेरी के स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री एवं अनेक केंद्रीय मंत्रियों ने प्रदेशवासियों को शुभकामनायें दीं हैं।
आज का दिन कई राज्यों और केंद्र शाषित प्रदेशों की लिए बहुत खास दिन है। आज निम्नलिखित प्रदेशों का स्थापना दिवस मनाया जाता है। आज के दिन अलग अलग वर्षों में इनकी स्थापना हुई –
📍 मध्य प्रदेश: 1 नवम्बर 1956 🎂
📍 पंजाब: 1 नवम्बर 1966 🎈
📍 पांडिचेरी: 1 नवम्बर 1954 🏝
📍 केरल: 1 नवम्बर 1956 🌴
📍 हरियाणा: 1 नवम्बर 1966 🌾
📍 छत्तीसगढ़: 1 नवम्बर 2000 🌟
📍 चंडीगढ़: 1 नवम्बर 1966 🌆
📍 लक्षद्वीप: 1 नवम्बर 1956 🏝
📍 आंध्र प्रदेश: 1 नवम्बर 1956 🌊
📍 कर्नाटक: 1 नवम्बर 1956 🌳
📍 अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह: 1 नवम्बर 1956

कर्नाटक, केरलम, तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश और छत्तीसगढ़ के स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री एवं अनेक केंद्रीय मंत्रियों ने प्रदेशवासियों को शुभकामनायें दीं हैं। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने एक्स पर लिखा, “समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली ऐतिहासिक परंपराओं की धरोहर आंध्र प्रदेश, प्राचीन स्थापत्य कला, समृद्ध इतिहास और प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण कर्नाटक, अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान एवं अनुपम प्राकृतिक संपदा के लिए प्रसिद्ध केरलम के स्थापना दिवस पर सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।”

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने एक्स पर पोस्ट किया, “सभी को कर्नाटक राज्योत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं! कन्नड़ सिर्फ एक भाषा नहीं है; यह हमारी सांस और हमारी संस्कृति है। कावेरी से लेकर गोदावरी तक फैली हमारी भूमि की परंपराओं को सहेजना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। हमारी भूमि और भाषा की महिमा पूरी दुनिया में चमकती रहे। कन्नड़ की धरती पर जन्म लेना हमारे लिए सचमुच सौभाग्य की बात है। सिरी कन्नड की जय हो, सिरी कन्नड अमर रहे!”

केरल के राज्यपाल ओम माथुर ने एक्स पर लिखा, “मेरे प्रिय केरल वासियों, आधुनिक केरलम की इस 70 वर्ष की यात्रा में सहभागी रहे सभी महानुभावों को याद करते हुए मैं राज्य स्थापना दिवस के पावन अवसर पर अपनी शुभकामनाएं प्रेषित करता हूं। अरब सागर के तट पर बसा यह सुंदर प्रदेश जहां हरी भरी पर्वतमालाएं, शांत अप्रवाही जल, नारियल के झूमते वन और सुनहरे सागर तट, सच में यह भगवान का स्वयं का देश है। हमारी शिक्षा, मानव विकास एवं सामाजिक सौहार्द प्रदेश की असली पूंजी है जिस पर गर्व करना हर केरलमवासी का अधिकार है। पुनः सभी को राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं।”

आंध्र प्रदेश स्थापना दिवस हर साल 1 नवंबर को मनाया जाता है। इस मौके पर देशभर के नेताओं ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। आंध्र प्रदेश के गठन की कहानी दो चरणों में पूरी हुई। सबसे पहले 1 अक्टूबर 1953 को मद्रास राज्य के तेलुगु भाषी क्षेत्रों को अलग करके ‘आंध्र राज्य’ का गठन हुआ था। इसकी राजधानी कुरनूल थी। यह राज्य पोट्टी श्रीरामुलु के ऐतिहासिक आमरण अनशन और बलिदान के बाद बना था। इसके बाद 1 नवंबर 1956 को तत्कालीन ‘आंध्र राज्य’ और हैदराबाद राज्य के तेलुगु भाषी क्षेत्रों को मिलाकर भाषाई आधार पर आंध्र प्रदेश का पुनर्गठन हुआ। तब हैदराबाद को इसकी राजधानी बनाया गया था। कई सालों बाद 2 जून 2014 को आंध्र प्रदेश का विभाजन हुआ, जिसके बाद तेलंगाना एक अलग राज्य बन गया।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘एक्स’ पोस्ट में कहा, “छत्तीसगढ़ की 26 वर्षों की यात्रा करोड़ों प्रदेशवासियों के सपनों, संघर्षों और संकल्पों की गौरवशाली गाथा है। आज हमारा प्रदेश शांति, सुशासन और विकास के नए अध्याय लिख रहा है। छत्तीसगढ़ महतारी के आशीर्वाद से हमारा प्रदेश समृद्धि, आत्मनिर्भरता और विकसित भविष्य की ओर निरंतर अग्रसर रहे। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस की समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं।”

आज के दिन तमिलनाडु में भी स्थापना दिवस मनाया जाता है। तमिलनाडु में दो दिन तमिलनाडु दिवस के रूप में मनाए जाते हैं- 1 नवंबर और 18 जुलाई। 1 नवंबर 1956 को भाषाई आधार पर ‘मद्रास राज्य’ का गठन हुआ था, इसी की याद में 1 नवंबर को यह दिवस मनाया जाता है। वहीं, 18 जुलाई 1967 को मद्रास विधानसभा में मद्रास राज्य का नाम बदलकर ‘तमिलनाडु’ करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हुआ था, इसलिए उस दिन को भी तमिलनाडु दिवस के रूप में मनाया जाता है।

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