कोरोना काल में अस्थमा के रोगी रहें सतर्क

-बारिश और बाढ़ के मौसम में अस्थमा के अटैक की रहती है आशंका

-खाने पीने में बरतें सावधानी, सफाई का रखें विशेष ख्याल

भागलपुर, 6 जुलाई:

कोरोना काल में अस्थमा के मरीज को  सतर्क रहने की जरूरत है. अस्थमा के रोगी अगर सावधान नहीं रहे तो कोरोना की चपेट में आ सकते हैं. ऊपर से बरसात का मौसम भी शुरू हो चुका है. साथ ही बाढ़ का खतरा भी मंडराने लगा है. ऐसे में अस्थमा के रोगियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है क्योंकि ऐसे समय में अस्थमा के अटैक की आशंका बढ़ जाती है. थोड़ी से सावधानी बरतने पर इसका मुकाबला किया जा सकता है.

निजी चिकित्सक डॉ. विनय कुमार झा कहते हैं कि इस मौसम में बढ़ी हई उमस के कारण फंगस में बढ़ोत्तरी हो जाती है. इससे अस्थमा के अटैक की आशंका बढ़ती है. बारिश के कारण वायु प्रदूषण में बढ़ोत्तरी हो जाती है तो अस्थमा के रोगियों के लिए नुकसानदेह है. साथ ही मानसून के कुछ वायरल इंफेक्शन भी बढ़ जाते है. इससे भी अस्थमा की समस्या बढ़ती है.

दवा का नियमित सेवन करें:

डॉ. विनय कुमार झा कहते हैं कि अस्थमा के रोगियों को दवा का नियमित सेवन करना चाहिए. अधिकांश अस्थमा के पीड़ित मरीज दवाएं लेते हैं. अस्थमा से पीड़ित नियमित रूप से दवा लेते रहे तो खतरा कम होगी. डॉक्टर ने अगर नियमित दवा खाने के लिए कहा है तो लापरवाही न बरतें और इस पर अमल करें. दवा का एक भी डोज छूटे नहीं. इस बात का ध्यान रखें.

खुली और ताजी हवा में रहे:

अस्थमा के मरीज को खुली और ताजी हवा में ज्यादा से ज्यादा वक्त बिताना चाहिए और भरपूर रोशनी भी लेनी चाहिए. ऐसे रोगियों को ताजे और स्वच्छ पानी का भी भरपूर इस्तेमाल करना चाहिए. अस्थमा के रोगियों को हल्का भोजन करना चाहिए. क्योंकि भारी भोजन के सेवन से सांस लेने में परेशानी हो सकती है. अस्थमा के मरीजों को भोजन धीरे-धीरे एवं खूब चबाकर करना चाहिए. ऐसे मरीज दिन में आठ से दस ग्लास पानी अवश्य सेवन करें. डॉक्टर की सलाह लेकर अस्थमा के रोगी को शरीर में एसिड पैदा करने वाली चीजें जैसे कार्बोहाइड्रेटष फैट्स और प्रोटीन का इस्तेमाल कम मात्रा में करने की आवश्यकता है.

खाने में हल्की चीजों का करें इस्तेमाल:

अस्थमा के रोगियों को खाने में हल्की चीजों का इस्तेमाल करना चाहिए. दोपहर और रात के खाने में कच्ची सब्जियां और टमाटर, गाजर और सलाद का इस्तेमाल करें. अस्थमा के रोगियों को तनाव से बचने का प्रयास करना चाहिए. इन  सभी के कारण अस्थमा अटैक आने का खतरा सबसे ज्यादा होता है. इनके लिए इन्हेलर का भी बेहतर विकल्प है.

इन बातों का भी रखें ध्यान

-नम और उमस भरे क्षेत्र को नियमित रूप से  सुखाते रहे

-बाथरूम की नियमित रूप से सफाई करें

-एक्जॉस्ट फैन का उपयोग करें और घर में नमी न होने दे

-भीगे कपड़े से फर्श की सफाई करें

-रोजाना सांस लेने की कोई वर्जिश करें

-मोटी तकिया रखकर सोएं। इससे भी आपको अस्थमा की समस्या से राहत मिलगी।

 

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