-सी के शर्मा
मेरे दोस्तों गणतंत्र दिवस की बहुत सारी शुभकामनाएं
आज हम सभी भारतीय अपने देश के संविधान और सेना के शौर्य की ताकत को देश के साथ साथ विश्व के सामने प्रस्तुत कर रहे हैं और बता रहे हैं देश के नागरिकों के श्रम से बढ़ते भारत की ताकत को और गर्व कर रहे हैं अपने ऊपर, क्योंकि इसमें हमारी मेहनत, ईमानदारी, देश प्रेम की झलक ही नहीं बल्कि इससे बहती हवा में उसकी खुशबू भी है, इसे आज हम सभी को अपने अंदर महसूस करना चाहिए।
मेरे दोस्तों आज का दिन हमे ये भी सोचने पर मजबूर कर रही है कि हम सोचें अपने अभी तक के जीवन में हमने अपने देश को अपने कार्यों से ऐसा क्या दिया जो देश को आगे बढ़ाने में सहायक था और हमें अपने अंदर गर्व महसूस कराता है हमारे लिए हमारी नजर में, क्योंकि ये गर्व सबसे महत्वपूर्ण है हमारे जिंदा होने के अनुभव को महसूस करने के लिए।
मेरे दोस्तों आज भारत आत्मनिर्भर देश बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, लेकिन ध्यान रखना हर आत्मनिर्भर देश तभी आत्मनिर्भर बन पाया है जब उसके देश के हर नागरिक ने ईमानदारी के साथ अपना वो देश को दिया जिसमें उसकी निपुणता थी, जिसका प्रयोग करके उन्होंने वो देश को दिया जो अपने आप में एक अलग मील का पत्थर था देश और समाज के लिए।
मेरे दोस्तों मैं जानता हूं कि ईमानदारी का पथ आसान नहीं होता बहुत मुश्किल है उस पर पर चलना लोग टूट जाते हैं परेशान होकर लेकिन मेरे दोस्तों जब जब ऐसा आप महसूस करें सोचना जरूर आप नहीं देश की उम्मीद टूट रही है जो आपके ऊपर देश को है इसलिए देश पर न्यौछावर हो जाना लेकिन टूटना नहीं, आंखों से आंखें मिलाकर सामना करना जीत आपकी तभी सुनिश्चित होगी।
मेरे दोस्तों महान दार्शनिक बीटल्स ने कहा था अपने सपनों के रंग को देखो और अपने हृदय की धड़कन के संगीत को सुनो जो सबसे उत्तम संगीत है विश्व का।
दोस्तों एक बात ध्यान रखना कभी-कभी हमें अपनी कमजोरियों को दिखाने के लिए नहीं, बल्कि अपनी ताकत का पता लगाने के लिए परखा जाता है, उस परख पर खरा उतरना ही हमें पूर्ण बनाता है।
मेरे दोस्तों महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन ने कहा था
“शिक्षा तथ्यों को सीखने के बारे में नहीं है, बल्कि सोचने के लिए दिमाग का प्रशिक्षण है”।
इसलिए हमारा पहला अभ्यास ईमानदार व्यवस्था के साथ देश और समाज बढ़ाने वाला उद्यम बनाना है जहां हर किसी का अधिकार सुरक्षित है।
मेरे दोस्तों ध्यान रखना हर नयी शुरुआत के लिए बड़े बजट बड़े हौसलों की जरूरत नहीं होती जरूरत है तो केवल निश्चय की मैं ईमानदारी से अपने उसूलों पर कायम रहूंगा जो मेरे देश समाज को आगे बढ़ाने में सहायक होगा, मैं कभी उस विषय सोच या कार्य को अपना समर्थन नहीं दूंगा जो देश और समाज का थोड़ा सा भी अहित करता हो।
मेरे दोस्तों एक ईमानदार व्यवस्था के साथ देश को आगे बढ़ाने के लिए साथ आना एक शुरुआत है, साथ में आगे बढ़ना विकास और साथ मिलकर कार्य करना जीत का मंत्र है।
अतः में मेरे दोस्तों यह दिन एक दूसरे को खुशी और प्यार और शांति की शुभकामना देने का दिन है। आप इस विशेष दिन में देश के गर्व और प्यार को महसूस कर सकते है।आप पूरे साल इस खुशी को महसूस करे और भारतीय होने पर गर्व महसूस करे
मेरे दोस्तों देश के इस महत्वपूर्ण अवसर को पूरे वर्ष मनाने के लिए आप सभी के समर्थन के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं और आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं, विश्व हमारी एकता और अखंडता को सदा नमस्कार करें और हम एक बार फिर विश्व गुरु स्थापित हो।








