पेड लगाएं जीवन सुखद बनाएं हर व्यक्ति हर वर्ष एक पेड लगाएगा, तो धरती पर स्वर्ग बनाएगा
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देवी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जन्म जयंती के उपलक्ष्य में भारत सरकार की सांस्कृतिक...

  “राष्ट्रसमर्था अहिल्याबाई होलकर” की नाट्य प्रस्तुति । नाट्य लेखिका - डॉ वृषाली जोशी (राष्ट्रीय संगठन मंत्री विश्व मांगल्य सभा डायरेक्टर (निर्देशक) - सुबोध सुरेजकर पुण्यशोलका लोकमाता अहिल्याबाई...

बच्चों के मध्य पिचकारी, गुलाल एवं मास्क का वितरण

ध्वनि फाउंडेशन के तत्वाधान में खाड़ेपुर गांव, नौबस्ता में बच्चों के मध्य पिचकारी, गुलाल एवं मास्क का...

अनय सिंह ने जीता टेक फ्यूजन डिजिटल कॉम्पीटिशन 2025, पाया द्वितीय स्थान

नई दिल्ली। यूए क्रिएटिव लाइन प्लस ने टेक फ्यूजन डिजिटल पेंटिंग कॉम्पीटिशन का आयोजन किया जिसमें अनय सिंह को द्वितीय पुरस्कार जीता। यह पुरस्कार इंडिया...

योग गुरु मानसी गुलाटी, अनोखा योग कार्यक्रम 31 मार्च को सुबह 7ः30 बजे मानसिंह...

  योग गुरु मानसी गुलाटी का अनोखा योग कार्यक्रम 31 मार्च 2019 को सुबह 7ः30 बजे मानसिंह रोड-राजपथ क्रासिंग लान, इंडिया गेट पर। तरंग संवाददाता: नई...

गायन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन ही है मूल मंत्र -शिल्पा 

सॉफ्टवेयर इंजीनियर से सिंगर बनीं शिल्पा सरोच, म्यूजिक इंडस्ट्री में अपने फ़िल्मी गीतों के साथ संगीत दिग्गजों के बीच अपनीअलग पहचान बना चुकी है और अपने अगले ट्रैक की रिलीज़ के लिए तैयार है, जो कि आपको आने वाली फिल्म 'पहाड़गंज' केटाइटल ट्रैक के रूप में सुनने  को मिलेगा । अपने नए प्रोजेक्ट के बारे में आगे बताते हुए शिल्पा ने कहा, "मैंने 'पहाड़गंज' के टाइटल ट्रैक में रैप किया है” जोकि मेरे लिए काफीचुनौतीपूर्ण था। लेकिन फिल्म के संगीतकार अजय सिंहा ने मेरी इसमे काफ़ी मदद की और मेरा मार्गदर्शन किया। ” "इसके अलावा, मैं इस प्रोजेक्ट को लेकर इसलिये भी बेहद उत्साहित हूँ।क्योंकि इस फिल्म में मोहित चौहान ने भी एक रोमांटिकगाना गाया है, साथ ही हम दोनों ही हिमाचल प्रदेश से हैं! शिल्पा सरोच को 'ऐ अजनबी' के लिए इंडियन विकिमीडिया के सर्वश्रेष्ठगायक के पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। बेशक इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाने की शौकीन, शिल्पा के पास अभी तक सफलता के लिए कोई मंत्र नहीं है। लेकिन वे कहती है“मेरा जुनून और संगीत के लिए प्यार ही मेरे सभी निर्णय लेता है - जिसमें एक प्लैनिन्ग का होना जरूरी होता है, जो कभी-कभी कामकरता है और कभी-कभी नहीं भी करता है। लेकिन मेरे लगातार कोशिश करते रहने के कारण मै हमेशा खुश और  संतुष्ट होकर घरजाती हूँ। “मैं एक इंजीनियर हूँ और अपनी शिक्षा के आधार पर, मैं बहुत एक्स्पेरमेन्ट करती हूँ। शायद मेरे गैर-फिल्मी बैक्ग्राउन्ड के कारण मैंऔपचारिक रूप से प्रशिक्षित नहीं हूँ। मुझे ऐसा लगता है कि मेरे पास खोने के लिए कुछ नहीं है और इसलिए, मैं वही करने कीकोशिश करतीहूँ।जो मेरे दिल को पसंद है।” यदि वेब सिरीज या फिल्मों के लिए गाने के बीच उन्हे विकल्प दिया जाता है, तो शिल्पा कहती हैं कि वह केवल अपना बेस्ट देने परध्यान देती है चाहे वह बॉलीवुड हो या वेब सिरीज। उनका गीत कहानी को पूरा करने के साथ उसे असरदार बनाने पर जोर देता है। अंत में शिल्पा ने कहा - मैं इस तथ्य से इनकार नहीं कर सकती कि प्रसारण के  ऐसे विभिन्न माध्यम हैं जिससे सब कुछ बदलजाता है। भले ही दोनो में दर्शक लगभग समान होता है लेकिन फिल्मों के लिए गीत गाना हमेशा जीवन के अनुभवो से भी बडा होताहै। अन्तिम में शिल्पा सोरच ने कहा कि, वेब सिरीज एक गायक को गायन का मौका देती है, और इसके अधिक समय तक परदे परचलने के कारण इसकी मदद से दर्शकों से जुड़ने में भी आसानी होती है।

जातिवाद भारत का कोढ़ है। अब जातियों का कोई अर्थ नहीं, बदल चुकी है...

आज जातिवाद भारत का कोढ़ है। अब जातियों का कोई अर्थ नहीं। बदल चुकी है जाति की परिभाषा - श्री गुरूजी भू हम भारतीय स्वयं अपनी...

असली इतिहास के दर्शन कराने वाला सीरियल, कभी तथाकथित ‘सेकुलरिज्म’ की भेंट चढ़ा था।

From the wall of Mr Kamla pati Tripathi Sir with thanks क्या आप जानते हैं कि चाणक्य सीरियल बीच में ही सरकारी दबाव पर रोक...

रंगकर्मी विनय पतसारिया की स्मृति में आयोजित समारोह में होगी ‘हम’ गुजरात की नाट्य...

आगरा। वरिष्ठ रंगकर्मी स्व. विनय पतसारिया की द्वितीय पुण्यतिथि के अवसर पर विनय पतसारिया स्मृति समारोह समिति द्वारा एक भावपूर्ण स्मृति एवं भावांजलि कार्यक्रम का...

हजारो परिजनों ने गुरुपूर्णिमा पर गायत्रीशक्तिपीठ पर सामूहिक हवन में दी आहुति

 युगऋषि आचार्य पं.श्री राम शर्मा आचार्य के असंख्य सद साहित्य आज की युवा पीढ़ी के लिए है प्रेरणा पुंज -तुलसीराम शर्मा  गुरुपूर्णिमा महोत्सव के साथ...

भूमि पूजन एवं हवन से शुरू हुआ नवसंवत्सर मेला

- भूमि पूजन एवं हवन से शुरू हुआ नवसंवत्सर मेला मथुरा। नवसंवत्सर 2082 की पूर्व संध्या पर नववर्ष मेला समिति मथुरा के तत्वावधान में आयोजित नववर्ष...

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बुद्ध पूर्णिमा मानव चेतना के उत्कर्ष का वह दिव्य क्षण है, जब अज्ञान के...

बुद्ध पूर्णिमा मानव चेतना के उत्कर्ष का वह दिव्य क्षण है, जब अज्ञान के अंधकार को भेदकर ज्ञान का प्रकाश उदित होता है। यह...

आगामी 9 मई को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने हेतु फिरोजाबाद...

आगामी 9 मई को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने हेतु फिरोजाबाद में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं विद्युत विभाग अधिकारियों की...

मजदूर दिवस सिर्फ एक औपचारिक उत्सव नहीं, बल्कि यह श्रमिकों के अधिकारों, उनके संघर्षों...

नई दिल्ली। मजदूर दिवस सिर्फ एक औपचारिक उत्सव नहीं, बल्कि यह श्रमिकों के अधिकारों, उनके संघर्षों और उनकी उपलब्धियों का प्रतीक है। अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस...