पेड लगाएं जीवन सुखद बनाएं हर व्यक्ति हर वर्ष एक पेड लगाएगा, तो धरती पर स्वर्ग बनाएगा

आलेख

पाईप लाईन में लाईफ लाईन

*पाइपलाइन बने लाइफ लाइन* *डॉ. वेदप्रताप वैदिक* भारत और नेपाल के बीच 69 किमी की तेल पाइपलाइन का बन जाना भारत के सभी पड़ौसी देशों याने...

फ्लिपकार्ट का साहस देखो : नागालैंड को बताया भारत से बाहर

*_नागालैंड भारत से बाहर का क्षेत्र, हम वहाँ सेवाएँ नहीं देते: विरोध होने के बाद Flipkart ने माँगी माफी_* आज हमारे देशवासियों को, भारतवासियों को...

ये आन्दोलन नही, प्रयोग है ? इन तथाकथित किसानों को भी एक दिन पश्चाताप...

तरंग: नई दिल्ली: गुरुजी भू मैं बहुत पहले से कह रहा हूं कि इस देश में तरह तरह के आंदोलनों के द्वारा प्रयोग किए जा...

समाजवाद की सफल परीक्षा

स्थानीय कॉलेज में अर्थशास्त्र के एक प्रोफेसर ने अपने एक बयान में कहा – “उसने पहले कभी किसी छात्र को फेल नहीं किया था,...

संघ की घुटनेंटेकू मुद्रा

*आरक्षणः संघ की घुटनेटेकू मुद्रा* *डॉ. वेदप्रताप वैदिक* राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और सत्तारुढ़ भाजपा की एक ताजा समन्वय गोष्ठी में यह विचार उछला कि संघ...

एक चुप हजार सुख

  एक चुप हजार सुख एक परिवार में जमीदार था, एक उसकी पत्नी थी। घर मे दो जने ही थे। जमीदार खेत मे काम करता था...

कहां सावरकर और कहां राहुल ? – डाॅ. वेदप्रताप वैदिक

हमारे आजकल के नेताओं से यह आशा करना कि वे नेहरु , लोहिया , श्यामाप्रसाद मुखर्जी , विनोबा , अटलबिहारी वाजपेयी और नरसिंहराव की...

जाति – धर्म के नाम पर कानूनी भेदभाव क्यों?

मेरे प्यारे भारतवासियों आज हम जाति और धर्म की घिनौनी राजनीति पर चर्चा करने जा रहे हैं। यह हमारे संविधान में ऐसे बीज बो...

भारत – रूस नई ऊंचाइयां

*भारत-रुस: नई ऊंचाईयां* *डॉ. वेदप्रताप वैदिक* प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह रुस-यात्रा भारतीय प्रधानमंत्रियों की पिछली कई यात्राओं के मुकाबले कहीं अधिक सार्थक रही है। उसका...

मेरा जिस्म मेरी मर्जी – डॉ वैदिक

*‘मेरा जिस्म, मेरी मर्जी’* *डॉ. वेदप्रताप वैदिक* महिला-दिवस पर पाकिस्तान में आजकल जबर्दस्त बहस चल रही है। जगह-जगह महिलाएं प्रदर्शन कर रही हैं, टीवी चैनलों और...

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मजदूर दिवस सिर्फ एक औपचारिक उत्सव नहीं, बल्कि यह श्रमिकों के अधिकारों, उनके संघर्षों...

नई दिल्ली। मजदूर दिवस सिर्फ एक औपचारिक उत्सव नहीं, बल्कि यह श्रमिकों के अधिकारों, उनके संघर्षों और उनकी उपलब्धियों का प्रतीक है। अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस...

बुद्ध पूर्णिमा मानव चेतना के उत्कर्ष का वह दिव्य क्षण है, जब अज्ञान के...

बुद्ध पूर्णिमा मानव चेतना के उत्कर्ष का वह दिव्य क्षण है, जब अज्ञान के अंधकार को भेदकर ज्ञान का प्रकाश उदित होता है। यह...