गुजरात में कई जगहों पर कुछ व्यापारी सिक्के और छोटे मूल्यवर्ग के नोटों को स्वीकार करने से इनकार कर रहे हैं, लेकिन सभी प्रकार की मुद्राएँ भारतीय रिज़र्व बैंक के दिशानिर्देशों के अनुसार मौजूद हैं और सरकार ने किसी भी सिक्के या छोटे मूल्यवर्ग के नोटों का उपयोग बंद नहीं किया है।
राज्य के नियामक कार्यालय और नियामक के उपभोक्ता संरक्षण कार्यालय ने कहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा अनुमोदित भारतीय मुद्रा की अस्वीकृति एक गंभीर अपराध है। यह आरबीआई अधिनियम 1934 और उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम का उल्लंघन करता है।
भारतीय मुद्रा को खारिज कर कुछ व्यापारी राज्य में अविश्वास का माहौल पैदा करते हैं। इस उल्लंघन के लिए व्यापारी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है। यदि कोई व्यापारी किसी भी प्रकार के करेंसी कॉइन या नोट को स्वीकार नहीं करता है, तो भारतीय रिजर्व बैंक के साथ-साथ उपभोक्ता संरक्षण कार्यालय में शिकायत दर्ज की जा सकती है।
कार्यालय ने कहा कि एक रुपये, पांच रुपये या दस रुपये के सिक्के प्रचलन में हैं, लेकिन कुछ व्यापारी इसे स्वीकार नहीं करते हैं, इसलिए यह एक अपराध है। राज्य का कोई भी नागरिक टोल फ्री नंबर 079-232-55700 पर कॉल कर दोषी व्यापारी के खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकता है।







