
नई दिल्ली।
भारत की “शिंकुन ला टनल” 15,800 फीट की ऊंचाई पर बनने वाली दुनिया की सबसे ऊंची मोटरेबल सुरंग होगी। यह हिमाचल प्रदेश और लद्दाख को जोड़ने वाली टनल होगी। शिंकुन ला सुरंग का निर्माण शिंकुन ला दर्रे के नीचे किया जा रहा है, जो हिमाचल प्रदेश की लाहौल घाटी को केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख की जंस्कार घाटी से जोड़ती है।
इस सुरंग में हर 500 मीटर पर क्रॉस-पैसेज हैं। क्रॉस पैसेज एक छोटी, संकरी सुरंग होती है जो दो समानांतर मुख्य सुरंगों (अक्सर रेल या सड़क की जुड़वां सुरंगें) को आपस में जोड़ती है। इसे मुख्य रूप से आपातकालीन एग्जिट और रखरखाव के लिए बनाया जाता है। ये सुरंगें आमतौर पर 100 से 500 मीटर की दूरी पर बनाई जाती हैं, ताकि यात्री किसी खतरनाक सुरंग से निकलकर सुरक्षित सुरंग में जा सकें।
शिंकुन ला सुरंग चीन के बॉर्डर के पास सशस्त्र बलों और उपकरणों की तेज और कुशल आवाजाही सुनिश्चित करेगी। साथ ही लद्दाख में आर्थिक और सामाजिक विकास को भी बढ़ावा देगी। यह दुनिया की सबसे ऊँची सुरंग होगी।
सड़क संगठन (BRO) द्वारा ₹1681 करोड़ की लागत से बनाई जा रही यह 4.1 किलोमीटर लंबी ट्विन-ट्यूब टनल ‘प्रोजेक्ट योजक’ का हिस्सा है, जो हर मौसम में मनाली-लेह मार्ग को खुला रखेगी।










