कोटा विकास प्राधिकरण सुभाषनगर इलाके में बनाएगा वैदिक पार्क, यहां चार वेदों एवं सनातन संस्कृति की मिलेगी जानकारी

कोटा,

कोटा विकास प्राधिकरण सुभाषनगर इलाके में बनाएगा वैदिक पार्क, जिसमें चारों वेदों के साथ ही सनातन संस्कृति, शुभ चिन्हों के धार्मिक महत्व की जानकारी मिलेगी। सुभाष नगर में कोटा विकास प्राधिकरण द्वारा निर्मित यह पार्क, राजस्थान का पहला और देश का दूसरा सबसे बड़ा वैदिक पार्क होगा। 14 हजार वर्गमीटर में 13 करोड़ की लागत से बनने वाले इस पार्क में वेदों, सनातन संस्कृति और धार्मिक प्रतीकों की जानकारी मिलेगी।

यहां पर एक प्रकृति पथ बनाया जा रहा है। जो आत्मनिरीक्षण के लिए है। जिसमें तीन प्रतीकात्मक पैदल मार्ग हैं। जो तीन गुणों (जीवन के गुण) का प्रतिनिधित्व करेंगे। रज (सफेद), तम (काला), और सत (पीला), जो नरम घास के बीच से होकर गुजरेंगे। इन सभी तत्वों से मिलकर बन रहा ये पार्क भारत के आध्यात्मिक और पारिस्थितिक ज्ञान का एक जीवंत संग्रहालय बनेगा। एक ऐसा स्थान जहां आप सीख सकते हैं, ध्यान लगा सकते हैं।

यहां एक गन मेटल की आदमकद मूर्ति बनाई जाएगी। जो चार वेदों-ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद का प्रतीक है। इसके साथ ही सूर्य नमस्कार सिखाने के लिए लाल बलुआ पत्थर का मंच घास और फूलों की क्यारियों में सात सुंदर जीआरसी मूर्तियां लगाई जाएगी। जो शरीर, मन और ब्रह्मांड के संतुलन के महत्व को बताएगी। इसके बीच में बिजोलिया पत्थर और संगमरमर का उपयोग करके वास्तु पुरुष मंडल की एक आकृति बनाई जाएगी। जो वास्तुशास्त्र का ज्ञान देगी।

यहां बोटिंग के लिए भी एक बड़ा तालाब होगा। एक उपवेद वन होगा। औषधीय पौधे लगाए जाएंगे। इसके बीच में ज्ञान का वृक्ष भी होगा। जहां महर्षि वेद व्यास जी की अपने शिष्यों को उपदेश देते हुए गन मेटल मूर्ति नजर आएगी। इसके पास में आयुर्वेद वन है, जो पारंपरिक उपचार जड़ी-बूटियां और आयुर्वेदिक औषधि वितरित करने वाला कियोस्क भी बनाया जाएगा।

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