
– दस्तक अभियान आज से शुरू होगा, 31 अक्टूबर तक चलेगा
आगरा,
जिले में संचारी रोगों की रोकथाम के लिए 5 से 31 अक्टूबर तक विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है। इसमें आमजन को संचारी रोगों से बचाव के लिए जागरुक किया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर आपके स्वास्थ्य का हाल पूछेगी और संचारी रोगों से बचाव के जानकारी भी देगी। इस दौरान हाथ धोने के बारे में भी जागरु किया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि 11 से 31 अक्टूबर तक चलने वाले दस्तक अभियान के दौरान फ्रंटलाइन वर्कर्स ( आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ) घर-घर जाकर दस्तक देंगी। वह घर-घर जाकर पूछेंगी आपको बुखार, खांसी, किसी प्रकार की एलर्जी, कुष्ठ रोग, टीबी इत्यादि तो नहीं है। इसके साथ ही वह उन बच्चों का भी चिन्हांकन करेंगी जिनका वजन तय मानकों से कम है। ऐसे लक्षणयुक्त व्यक्तियों का नाम, पता और मोबाइल नंबर पूछकर ई-कवच पोर्टल पर अपलोड करेंगी। इससे इन मरीजों की जांच कर उनका उपचार किया जा सकेगा।

वेक्टर बोर्न रोगों के नोडल अधिकारी डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति ने बताया कि दस्तक अभियान का उद्देश्य लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जागरूक करना और स्वास्थ्य समस्याओं का जल्द पता लगाना है। मरीजों की जांच कर उनका उपचार करना। अभियान के दौरान फ्रंटलाइन वर्कर्स क्लोरीन की गोलिया भी अपने साथ रखेंगी। उन्होंने बताया कि बुखार के लक्षण दिखने पर आशा कार्यकर्ता की मदद से या स्वयं 108 नंबर एम्बुलेंस पर फोन कर उसके साथ ही अस्पताल जाएं। अपने मन से दवा का सेवन नहीं करना है।
जिला मलेरिया अधिकारी राजेश गुप्ता ने बताया कि इस अभियान के दौरान उन क्षेत्रों और मकानों की सूची भी बनाई जाएगी, जहां पर मच्छरों का प्रजनन अधिक पाया जाएगा। इन स्थानों की सूची बनाकर यहां पर मच्छर मारने की दवा का छिड़काव कराया जाएगा। इस दौरान घर-घर जाकर आशा और आंगनवाड़ी स्वास्थ्य जांच करेंगी साथ ही बुखार,खांसी,एलर्जी,कुष्ठ रोग,टीबी से संबंधित जानकारी प्राप्त प्राप्त करेगी।
जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि इस मौसम में खुद से बीमारियों को दूर रखने के लिए हाथों का साफ रखना जरूरी है। यदि हाथों को साफ रखेंगे तो बीमारियां पास नहीं आएंगी। हाथ साफ रखने की आदत आपको डायरिया, फ्लू इत्यादि से बचा सकती है।
क्या करें—
– पानी के बर्तन, ड्रम, टंकी आदि ढक कर रखें।
– सप्ताह में एकबार पानी के बर्तनों को खाली कर लीजिए।
– जिन स्थानों में पानी का इकट्ठा होना रोका न जा सके, वहां पानी में कुछ बूंदें मिट्टी का तेल या ट्रैक्टर का जला मोबिल ऑइल डाल दीजिए।
– मच्छरों से बचने के लिए सोते समय मच्छर रोधी क्रीम, नीम का तेल, कडवा तेल शरीर पर मलें व लगाएं।
– सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
– ऐसे कपडे पहनें जो शरीर को पूरा ढके रखे।
– बुखार होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या स्वास्थ्य कार्यकर्ता से खून की जांच करायें।
– दवा नियमित और पूरी खाए।
क्या न करें—
– घर में व घर के आसपास टूटे बर्तन, टायर, फूलदान आदि बर्तनो में जलभराव न होने दें।
– बुखार आने पर नीम हकीम के पास न जाए।
– तेज बुखार उतारने के लिए एस्प्रिन या ब्रुफिन टेबलेट का इस्तेमाल न करें।
– खाली पेट दवा न खायें।







