सौ दिवसीय सघन टीबी अभियान फरवरी से होगा शुरू

सौ दिवसीय सघन टीबी अभियान फरवरी से होगा शुरू

– टीबी मुक्त भारत अभियान, शीघ्र पहचान, इलाज और कुशल रणनीति से मिलेगी सफलता

मैनपुरी,

राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत आगामी फरवरी माह से जिले में सौ दिवसीय सघन टीबी अभियान शुरू किया जाएगा। इसके लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य परिवार कल्याण विभाग के महानिदेशक डॉ. रतनपाल सिंह सुमन ने पत्र जारी कर दिशा-निर्देश दिए हैं।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.आरसी गुप्ता ने बताया कि प्रदेश में टीबी उन्मूलन के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसके कारण वर्ष 2015 के सापेक्ष टीबी इंसीडेंस में 17 प्रतिशत की कमी आई है। अभियान में शासन व समाज मिलकर टीबी उन्मूलन के लिए कार्य कर रही हैं। सीएमओ ने कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों व सभी हितधारकों के अच्छे कार्य के बावजूद अभी टीबी उन्मूलन के लिए काफी कार्य करना शेष है। टीबी उन्मूलन के लिए अधिक आक्रामक रणनीतियों की आवश्यकता है। इसलिए एक बार पुनः 100 दिवसीय सघन टीबी मुक्त भारत अभियान फरवरी से पूरे देश में चलाया जाएगा।

सीएमओ ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों व उससे नीचे की स्वास्थ्य सुविधाओं से पांच प्रतिशत व अस्पतालों में दस प्रतिशत व्यक्तियों को सामान्य ओपीडी से जांच के लिए रेफर करना है। आयुष्मान आरोग्य मंदिरों से टीबी जांच के लिए सैंपल ट्रांसपोर्टरों की व्यवस्था की जाएगी। टीबी मुक्त भारत अभियान को कुशल रणनीति, शीघ्र पहचान, इलाज से सफलता मिलेगी।

जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ.आशुतोष कुमार कि अभियान में जनभागीदारी के महत्व को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री ने संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान सांसदों से टीबी मुक्त भारत अभियान के विषय में विचार-विमर्श किया है। विधायकों, विधान परिषद सदस्यों, प्रधानों व पार्षदों को टीबी मुक्त भारत अभियान के विषय में संवेदीकरण करने का अनुरोध किया गया। उन्होंने बताया कि टीबी मुक्त भारत अभियान की रणनीति है शीघ्र टीबी रोगी की पहचान, टीबी से मृत्यु दर को कम करना और नये टीबी रोगी न बनने देना ।

टीबी के लक्षण हैं—–

– दो सप्ताह से अधिक से खांसी

– बुखार

– रात में पसीना आना

– मुंह से खून आना

– सीने में दर्द होना

– सांस लेने में तकलीफ होना

– वजन कम होना

– भूख न लगना

– थकान होना

– गर्दन में गिल्टी/गांठे

– बांझपन

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