
– जिला महिला अस्पताल में मनाया जाएगा एनआरपी दिवस
– स्वास्थ्यकर्मियों को लिए आयोजित होगा प्रशिक्षण कार्यक्रम
आगरा,
नवजात शिशुओं की मृत्यु दर को कम करने के उद्देश्य से नेशनल नियोनेटोलॉजी फोरम (एनएनएफ) इंडिया द्वारा रविवार (10 मई) को जिला महिला अस्पताल (लेडी लॉयल) में नियोनटल रिससिटेशन प्रोग्राम(एनआरपी) दिवस मनाया जाएगा। इसमें स्वास्थ्य कर्मियों को नवजात के जन्म होने के बाद सांस न आने पर उनकी जान बचाने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।
कार्यक्रम की समन्वयक डॉ. खुशबू केसरवानी ने बताया कि भारत में नवजात मृत्यु एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या बनी हुई है। इन मौतों का एक बड़ा कारण जन्म के समय शिशु का सांस शुरू न कर पाना है। जन्म के बाद के शुरुआती कुछ मिनट अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं, और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा समय पर सहायता से इन रोकी जा सकने वाली मौतों को टाला जा सकता है। शिशुओं को जन्म के समय सांस दिलाने की सरल और वैज्ञानिक तकनीकें जीवन बचा सकती हैं।
इस महत्वपूर्ण आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए, NNF इंडिया ने इस व्यापक प्रशिक्षण पहल की योजना बनाई और इसे पूरे देश में लागू किया है। देशभर में कुल 998 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें करीब 20,000 स्वास्थ्यकर्मी भाग ले रहे हैं। जिला महिला अस्पताल में होने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 55 स्वास्थ्यकर्मी प्रतिभाग करेंगे।
कार्यक्रम अनुदेशक डॉ. राजेश मिश्रा ने बताया कि यह ऐतिहासिक पहल NNF इंडिया के अध्यक्ष डॉ. लल्लन कुमार भारती के नेतृत्व में आयोजित की जा रही है, जिनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक नवजात शिशु को जन्म के समय समय पर एवं प्रभावी पुनर्जीवन सहायता प्राप्त हो सके।
कार्यक्रम के सह अनुदेशक डॉ. प्रवीन कुमार ने बताया कि यह प्रशिक्षण पूर्णतः निःशुल्क है और इसमें सरकारी तथा निजी दोनों क्षेत्रों के स्वास्थ्यकर्मी भाग ले रहे हैं। यह समावेशी प्रयास नवजात देखभाल को व्यापक स्तर पर मजबूत करेगा। यह राष्ट्रव्यापी प्रयास एक ही दिन में सबसे अधिक नवजात पुनर्जीवन/श्वास सहायता प्रशिक्षण आयोजित करने का रिकॉर्ड स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।











