बिहार के राजगीर में विश्व प्रसिद्ध मलमास मेले का शुभारंभ, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ब्रह्मकुंड परिसर में वैदिक मंत्रों के उच्चारण व ध्वजारोहण के साथ मेले का उद्घाटन किया

राजगीर, बिहार।

बिहार के राजगीर में विश्व प्रसिद्ध मलमास मेले का शुभारंभ हो गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ब्रह्मकुंड परिसर में वैदिक मंत्रों के उच्चारण व पारम्परिक ध्वजारोहण के साथ मेले का उद्घाटन किया। मलमास महीने में हर दिन लाखों श्रद्धालु और तीर्थ यात्री राजगीर के विभिन्न कुंडों में स्नान, ध्यान, पूजा-अर्चना और दान-पुण्य करते हैं। अधिमास यानी मलमास को अत्यंत पवित्र माना जाता है और इस दौरान बड़ी संख्या में साधु-संत तथा श्रद्धालु पूरे महीने राजगीर में प्रवास करते हैं।

हिंदू पंचांग के अनुसार हर तीसरे साल आने वाले 13वें महीने को मलमास कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस अवधि में स्वर्ग के 33 कोटि देवी-देवता अपने लोक को छोड़कर राजगीर में प्रवास करते हैं। इसी कारण देश के अन्य हिस्सों में मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं, लेकिन राजगीर में पूजा-पाठ, दान-पुण्य और स्नान का विशेष महत्व होता है।

श्रद्धालु राजगीर में स्थित 22 कुंडों और 52 धाराओं में स्नान कर धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेते हैं। मान्यता है कि इन पवित्र कुंडों में डुबकी लगाने से पाप और कष्ट दूर होते हैं तथा आत्मशुद्धि का लाभ प्राप्त होता है।

मेला अवधि के दौरान 21 मई को पंचमी स्नान, 27 मई को प्रथम शाही स्नान, 31 मई को द्वितीय शाही स्नान, 5 जून को पंचमी स्नान, 11 जून को तृतीय शाही स्नान तथा 15 जून 2026 को अमावस्या स्नान और विसर्जन का आयोजन किया जाएगा।

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