मरी हुई शिवानी कुछ दिन बाद जब थाने में जाकर खड़ी हो गई तो पुलिस वालों के होश उड गए

मरी हुई शिवानी कुछ दिन बाद जब थाने में जाकर खड़ी हो गई तो पुलिस वालों के होश उड गए। जिस युवती की हत्या के जुर्म में उसके पिता और भाई को जेल भेज दिया गया था, वह युवती अचानक जिंदा हालत में मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में खकनार थाने पहुंच गई। इस घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

बताया जा रहा है कि जलगांव जामोद थाना पुलिस ने शिवानी नाम की युवती की कथित हत्या के आरोप में उसके पिता बापूराम कलमेकर और भाई अजय को गिरफ्तार कर बुलढाणा जेल भेज दिया था। लेकिन बुधवार शाम शिवानी खुद खकनार थाने पहुंच गई, जिसे देखकर पुलिस अधिकारी के पसीने छूट गए।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, शिवानी अप्रैल महीने में अपने प्रेमी अरुण के साथ घर से चली गई थी। काफी तलाश के बाद स्वजन ने एक मई को खकनार थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी।

करीब दस दिन बाद महाराष्ट्र पुलिस ने दावा किया कि उन्हें एक सिर कटी और जली हुई युवती की लाश मिली है, जिसकी पहचान शिवानी के रूप में की गई। इसी आधार पर उसके पिता और भाई को पूछताछ के लिए ले जाया गया और बाद में हत्या का आरोपी बनाकर जेल भेज दिया गया।

शिवानी के जिंदा मिलने के बाद भी उसके पिता और भाई की रिहाई तुरंत संभव नहीं मानी जा रही है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, अब महाराष्ट्र पुलिस शिवानी का डीएनए परीक्षण कराएगी। रिपोर्ट कोर्ट में पेश होने और न्यायालय के समक्ष युवती के बयान दर्ज होने के बाद ही दोनों की रिहाई पर फैसला हो सकेगा।

अब कुछ अहम और बड़े सवाल उठते हैं —

कि अब जबकि शिवानी जिंदा सामने खड़ी है और परिवार ने भी पुष्टि कर दी है, साथ ही उसका आधार कार्ड भी वेरिफाई कर लिया है, उसके बायोमेट्रिक, फिंगरप्रिंट भी मिलान हो चुके हैं, तो ::

*अब पुलिस को तथा कोर्ट को उसका डीएनए मिलान करना क्यों आवश्यक हो गया है?

* जब पुलिस ने शिवानी को मृत सिद्ध किया था और उसके बदले किसी अन्य युवती की लाश को ठिकाने लगा दिया गया, तो उस समय पुलिस और कोर्ट को डीएनए की आवश्यकता क्यों नहीं हुई?

* शिवानी की हत्या के जुर्म में उसके पिता और भाई को जेल भेजा गया, उनको सामाजिक, मानसिक और आर्थिक परेशानी और हानि हुई, उसकी भरपाई कौन करेगा?

SHARE