रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत में निर्मित उन्नत स्टील्थ फ्रिगेट ‘आईएनएस महेन्‍द्रगिरि’ को पूर्वी बेड़े में शामिल किया

विशाखापत्तनम,

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में आयोजित कार्यक्रम में भारत में निर्मित उन्नत स्टील्थ फ्रिगेट ‘आईएनएस महेन्‍द्रगिरि’ को पूर्वी बेड़े में शामिल किया।
रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में इस अग्रिम पंक्ति के युद्धपोत को असाधारण डिजाइन क्षमताओं, विनिर्माण उत्कृष्टता, नौसेना-औद्योगिक तंत्र के तीव्र विकास और समय पर अत्याधुनिक प्लेटफॉर्म प्रदान करने की क्षमता के आधार पर जहाज निर्माण में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता का प्रतीक बताया।

राजनाथ सिंह ने विश्वास व्‍यक्‍त करते हुए कहा, “आईएनएस महेन्‍द्रगिरि को दुनिया की सबसे तेज और सबसे घातक क्रूज मिसाइलों में से एक ब्रह्मोस सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल से सुसज्जित किया जा सकता है। इसमें बहुक्रियाशील रडार और सतह से वायु में मार करने वाली मिसाइलें लगी है जो लंबी दूरी पर हवाई खतरों का पता लगाने और उन्हें निष्क्रिय करने में सक्षम है। इसके शस्त्रागार में स्वदेशी रॉकेट लॉन्चर, टॉरपीडो लॉन्चर, एकीकृत पनडुब्बी रोधी रक्षा प्रणाली, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली और क्लोज-इन वेपन सिस्टम भी शामिल हैं। ये सभी क्षमताएं युद्धपोत को दुर्जेय और अभेद्य बनाती हैं।”

यह युद्धपोत 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री से निर्मित है। इस युद्धपोत का विस्थापन लगभग 6,670 टन है और यह 28 समुद्री मील प्रति घंटे तक की गति प्राप्त करने में सक्षम है। यह सुपरसोनिक सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलों, मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों, पनडुब्बी रोधी युद्ध क्षमताओं और एक बहु-भूमिका वाले हेलीकॉप्टर से सुसज्जित है।

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