
पश्चिम एशिया में एक बार फिर युद्ध की शुरुआत हो गई है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। ईरान आर्मी ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने का आदेश दिया तो जबाब में अमेरिका ने ईरान के सात शहरों में 12 सैन्य ठिकानों पर अटैक किया है। इस स्तिथि को देखते हुए फिर तेल गैस संकट पैदा हो सकता है।
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने ट्वीट में कहा कि एक जहाज ने समुद्री मार्ग का पालन नहीं किया। साथ ही अपने नेविगेशन सिस्टम भी बंद कर दिए। कई बार चेतावनी देने के बाद भी जहाज की तरफ से रास्ता नहीं बदला गया। ऐसे में उसे निशाना बनाया गया। इसके साथ ही ट्वीट में ईरान ने अगले आदेश तक होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने का आदेश दे दिया है।
अमेरिका ने बहरीन बेस से मिसाइलें दागी और 12 ठिकाने तबाह कर दिया। चाबहार, बुशहर, बंदर अब्बास और सिरिक में कई धमाके हुए हैं। अमेरिका ने ईरान के सात शहरों पर अटैक किया है। होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने का ईरान को अमेरिका ने 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था।
यह कार्रवाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की सेनाओं द्वारा M/V GFS गैलेक्सी जहाज पर हमले के बाद की गई। यह साइप्रस के झंडे वाला कंटेनर जहाज था जो होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहा था। हमले से जहाज में भीषण आग लगी और इंजन को नुकसान पहुंचा तथा चालक दल का एक सदस्य लापता है।












