पद्म भूषण गायिका सुमन कल्याणपुर का 89 की उम्र में निधन, राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई

पद्म भूषण गायिका सुमन कल्याणपुर का 89 की उम्र में निधन हो गया। राजकीय सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई। सुमन ने अनेक भारतीय भाषाओं में गीत गाए हैं। उनके निधन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं कई केंद्रीय मंत्रियों और कई मुख्यमंत्रियों ने दुःख जताया है।

सुमन की आवाज की तुलना अक्सर लता मंगेशकर की आवाज से होती थी। फिल्मफेयर की एक रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने 11 भाषाओं में 3000 से ज्यादा फिल्मी-नॉन फिल्मी गाने गाए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनके निधन को लेकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने गायिका के साथ अपनी एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि प्रसिद्ध गायिका सुमन कल्याणपुर के निधन की खबर सुनकर गहरा दुख हुआ। उनकी मधुर आवाज और भावपूर्ण गायकी ने भारतीय संगीत और सांस्कृतिक जगत को समृद्ध बनाया। भारतीय सिनेमा के स्वर्णिम दौर को अपनी गायकी से यादगार बनाया।

उनके लोकप्रिय गीतों में ‘आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे’, ‘ना ना करते प्यार तुम्हीं से कर बैठे’ और ‘तुमने पुकारा और हम चले आए’ जैसे गीत शामिल हैं। सुमन कल्याणपुर ने अपने करियर की शुरुआत मराठी फिल्म ‘पसंत आहे मुलगी’ से की थी। उनका पहला सुपरहिट मराठी गीत ‘भातुकलीच्या खलमांडिला’ माना जाता है। वर्ष 1960 और 1970 का दशक उनके करियर का स्वर्णिम काल था। लता मंगेशकर और मोहम्मद रफी के बीच हुए मतभेद के दौरान सुमन कल्याणपुर ने रफी के साथ 140 से अधिक लोकप्रिय युगल गीत गाए।

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