भारत ने समुद्री खाद्य निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की, वित्तीय वर्ष 2025 – 2026 में ₹73,890.46 करोड़ के निर्यात के साथ नया कीर्तिमान स्थापित किया

नई दिल्ली।

भारत ने समुद्री खाद्य निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। वित्तीय वर्ष 2025 – 2026 में ₹73,890.46 करोड़ के निर्यात करके नया कीर्तिमान स्थापित किया है। फ्रोजन झींगा वित्त वर्ष 2025-26 में भी भारत का प्रमुख निर्यात उत्पाद बना रहा। इसके निर्यात से ₹49,037.93 करोड़ (5.62 बिलियन अमेरिकी डॉलर) की आय हुई। कुल निर्यात मात्रा में इसकी हिस्सेदारी 40.19% और कुल निर्यात आय में 66.52% रही। वर्ष के दौरान 7,92,647 मीट्रिक टन फ्रोजन झींगे का निर्यात किया गया। झींगा निर्यात में रुपए के आधार पर 13.16% और डॉलर मूल्य के आधार पर 8.64% की वृद्धि दर्ज की गई। एल. वन्नामेई और ब्लैक टाइगर झींगे के निर्यात में भी मात्रा और मूल्य दोनों में बढ़ोतरी हुई।

एमपीईडीए के अध्यक्ष पी. जवाहर ने कहा कि वैश्विक बाजार में चुनौतियों के बावजूद भारत ने समुद्री खाद्य निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। इस उपलब्धि में फ्रोजन झींगा सबसे बड़ा योगदानकर्ता रहा, जबकि अमेरिका और चीन भारतीय सीफूड के प्रमुख आयातक बने रहे।

मात्रा के आधार पर चीन भारत का सबसे बड़ा समुद्री खाद्य आयातक बनकर उभरा। चीन ने 4,90,369 मीट्रिक टन समुद्री खाद्य उत्पादों का आयात किया, जिसका मूल्य 1.61 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा। यूरोपीय संघ मूल्य के आधार पर तीसरा सबसे बड़ा आयातक रहा, जिसने 2,97,518 मीट्रिक टन समुद्री खाद्य उत्पादों का आयात किया। इसके बाद दक्षिण-पूर्व एशिया, जापान और मध्य-पूर्व का स्थान रहा।

फ्रोजन मछली निर्यात के मामले में दूसरे स्थान पर रही, जिससे ₹5,658.37 करोड़ (643.70 मिलियन अमेरिकी डॉलर) की आय हुई। वहीं, सूखे समुद्री खाद्य उत्पादों ने ₹5,079.09 करोड़ (577.44 मिलियन अमेरिकी डॉलर) का राजस्व अर्जित किया और रुपए के आधार पर 78.05% की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की।

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