
नई दिल्ली।
भारत और इजराइल के बीच 8 सितंबर 2025 को नई दिल्ली में हस्ताक्षरित द्विपक्षीय निवेश समझौता शनिवार, 4 जुलाई 2026 से प्रभावी हो गया। इस समझौते को दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने और सुरक्षित तथा पूर्वानुमानित निवेश माहौल सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
द्विपक्षीय निवेश समझौता निवेशकों और उनके निवेशों को मजबूत सुरक्षा प्रदान करता है। साथ ही, यह दोनों देशों को अपने वैध सार्वजनिक नीति उद्देश्यों के अनुरूप संप्रभु नीतिगत अधिकार बनाए रखने का पर्याप्त लचीलापन भी देता है। यह समझौता अंतरराष्ट्रीय निवेश कानून के आधुनिक सिद्धांतों और विकसित होते न्यायशास्त्र के अनुरूप तैयार किया गया है।
सरकार के अनुसार, इस समझौते से भारत और इजराइल के बीच सीमा पार निवेश में वृद्धि होने की उम्मीद है। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग और द्विपक्षीय साझेदारी को भी नई मजबूती मिलेगी।
भारत-इजराइल द्विपक्षीय निवेश समझौता की पूरी प्रति वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। जो व्यक्ति इसके प्रावधानों की विस्तृत जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं वे वेबसाइट पर जाकर प्राप्त कर सकते हैं।












