
नई दिल्ली।
केंद्र सरकार ने मूल्य स्थिरीकरण बफर के लिए प्याज की खरीद कीमत में 13% की वृद्धि करते हुए इसे 1,875 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 2,125 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया है। संशोधित खरीद मूल्य 4 जुलाई 2026 से प्रभावी हो गया है। सरकार की ओर से राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (एनएएफईडी) और राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (एनसीसीएफ) के माध्यम से प्याज की खरीद जारी है। सरकार का कहना है कि संशोधित खरीद मूल्य से प्याज के उत्पादन करने वाले किसानों को बेहतर लाभ मिलेगा और बफर स्टॉक की खरीद को भी मजबूती मिलेगी।
सरकार के अनुसार, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गुजरात में प्याज का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और फिलहाल भंडारित प्याज की किसी कमी के संकेत नहीं हैं। बेहतर गुणवत्ता वाला स्टॉक अभी भी भंडार में मौजूद है, जिसे जरूरत के अनुसार बाजार में उतारा जाएगा।
अखिल भारतीय स्तर पर प्रतिदिन 50,000 मीट्रिक टन से अधिक प्याज मंडियों में पहुंच रहा है। अकेले महाराष्ट्र में दैनिक आवक 30,000 मीट्रिक टन से अधिक बनी हुई है। वहां औसत खुदरा कीमत करीब 18 रुपए प्रति किलोग्राम है, जबकि देशभर में प्याज का औसत खुदरा मूल्य लगभग 31 रुपए प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया है।
जून 2026 के दौरान लगभग 1.50 लाख मीट्रिक टन प्याज का निर्यात हुआ, जो सामान्य स्तर पर है। हालांकि व्यापारियों का मानना है कि पाकिस्तान और चीन से प्रतिस्पर्धी दरों पर ताजा फसल उपलब्ध होने के कारण खाड़ी देशों, श्रीलंका और सुदूर पूर्व के बाजारों में भारतीय प्याज के निर्यात की रफ्तार कुछ समय के लिए धीमी पड़ सकती है। वहीं महाराष्ट्र के नासिक क्षेत्र में खरीफ प्याज की बुवाई करीब 15 दिन देरी से हुई है, जबकि कर्नाटक के चित्रदुर्ग और चल्लाकेरे क्षेत्रों में बुवाई सामान्य स्तर के लगभग 60% तक पहुंच चुकी है।












