
जोधपुर, राजस्थान।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राजस्थान के जोधपुर में उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक) योजना के अगले चरण ‘विकसित उड़ान’ का शुभारंभ किया। इसके साथ ही उन्होंने जोधपुर हवाई अड्डे के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन भी किया। इस दौरान क्षेत्रीय हवाई संपर्क के विस्तार और विश्वस्तरीय विमानन अवसंरचना के विकास के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
कार्यक्रम में राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किसानराव बागड़े, मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू किंजारापु, केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल सहित कई गणमान्य मौजूद रहे।
अक्टूबर 2016 में शुरू की गई उड़ान योजना के तहत अब तक 669 मार्गों का संचालन शुरू किया जा चुका है। इस योजना के माध्यम से 95 हवाई अड्डों, हेलीपोर्ट और जल एयरोड्रोम को जोड़ा गया है, जिससे 1.66 करोड़ से अधिक यात्रियों को लाभ मिला है।अगले 10 वर्षों के लिए इस योजना पर लगभग 29,000 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे, जिससे नागरिक उड्डयन क्षेत्र को गति मिलने के साथ ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को आगे बढ़ाया जाएगा।
संशोधित योजना के तहत 12,159 करोड़ रुपए के निवेश से 100 एयरोड्रोम विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा क्षेत्रीय हवाई अड्डों के संचालन एवं रखरखाव को सहायता दी जाएगी। 3,661 करोड़ रुपए की लागत से 200 आधुनिक हेलीपैड विकसित होंगे, जबकि क्षेत्रीय एयरलाइन संचालन को बनाए रखने के लिए 10,043 करोड़ रुपए की व्यवहार्यता अंतर निधि उपलब्ध कराई जाएगी। योजना में दूरदराज के क्षेत्रों में संचालन के लिए एचएएल ध्रुव और डोर्नियर जैसे स्वदेशी विमानों एवं हेलीकॉप्टरों के उपयोग को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण द्वारा लगभग 480 करोड़ रुपए की लागत से विकसित जोधपुर हवाई अड्डे के नए टर्मिनल भवन का भी उद्घाटन किया। करीब 23,342 वर्ग मीटर क्षेत्र में बने इस नए टर्मिनल की क्षमता व्यस्त समय में 1,500 यात्रियों तथा सालाना 20 लाख यात्रियों की आवाजाही संभालने की है। इसमें 20 चेक-इन काउंटर, अत्याधुनिक सुरक्षा जांच प्रणाली, आधुनिक बैगेज प्रबंधन प्रणाली और छह एयरोब्रिज की सुविधा दी गई है। नए एप्रन पर 11 ए-321 विमान और एक एटीआर-72 विमान खड़े किए जा सकेंगे। वहीं, लगभग 320 कारों की पार्किंग की व्यवस्था भी की गई है।












