अल-नीनो से निपटने की तैयारियों की समीक्षा बैठक, कृषि, बिजली, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, सहित 15 से अधिक मंत्रालयों के सचिव एवं वरिष्ठ अधिकारी हुए शामिल

नई दिल्ली।

नई दिल्ली में प्रधानमंत्री कार्यालय ने खरीफ सीजन और विभिन्न क्षेत्रों पर अल-नीनो के संभावित प्रभाव की समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की। इस महत्वपूर्ण बैठक में कृषि, बिजली, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, सहित 15 से अधिक मंत्रालयों के सचिव एवं वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में भारतीय मौसम विभाग ने मानसून की मौजूदा स्थिति और अल-नीनो के संभावित प्रभाव की जानकारी दी।

मौसम विभाग ने बताया कि गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में मानसून करीब 10 दिन देरी से पहुंचा, लेकिन 7 जुलाई 2026 तक देश में वर्षा की कमी घटकर 12 प्रतिशत रह गई है। जुलाई के पहले सप्ताह में मानसून सामान्य से बेहतर रहा है, जबकि जुलाई और अगस्त में कमजोर से मध्यम स्तर के अल-नीनो की संभावना जताई गई है।

कृषि मंत्रालय ने खरीफ फसलों पर संभावित प्रभाव से निपटने की तैयारियों की जानकारी दी। राज्यों के साथ ‘क्रॉप वेदर वॉच ग्रुप’ की साप्ताहिक बैठकें आयोजित की जा रही हैं, जिनमें वर्षा, जलाशयों की स्थिति, बुवाई, बाजार, कीट और बीमारियों की निगरानी की जा रही है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) ने कृषि विज्ञान केंद्रों के लिए अल-नीनो प्रबंधन संबंधी मानक संचालन प्रक्रियाएं भी जारी की हैं।

बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और किसान क्रेडिट कार्ड के दायरे को संवेदनशील राज्यों में बढ़ाने पर जोर दिया गया। पशुपालन विभाग को सूखे चारे, हरे चारे और पशु आहार की उपलब्धता का नियमित आकलन करने के निर्देश दिए गए। वहीं, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को संवेदनशील जिलों में सूक्ष्म स्तर पर निगरानी और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया।

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