
जकार्ता।
भारत के केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने जिनेवा में आयोजित संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के ‘ग्लोबल डायलॉग ऑन एआई गवर्नेंस’ के उच्च स्तरीय सत्र को संबोधित करते हुए सुरक्षित, भरोसेमंद, जिम्मेदार और समावेशी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) व्यवस्था की वकालत की।
कीर्ति वर्धन सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि एआई के नियम और प्रबंधन ऐसे होने चाहिए जो इंसानों को केंद्र में रखें, सभी को साथ लेकर चलें और भरोसे पर आधारित हों। उन्होंने कहा कि एआई के विकास में मानवीय निगरानी, मानवाधिकारों का सम्मान और पारदर्शिता सुनिश्चित करना आवश्यक है। साथ ही तकनीक और संसाधनों की कमी को दूर करना भी जरूरी है, ताकि ग्लोबल साउथ के देश भी एआई के भविष्य को आकार देने में प्रभावी भूमिका निभा सकें।
उन्होंने कहा कि भारत ऐसे एआई भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है, जो सुरक्षित, भरोसेमंद, जिम्मेदार और सभी के लिए समावेशी हो। उन्होंने कहा कि एआई का विकास वैश्विक सहयोग और साझा जिम्मेदारी के साथ होना चाहिए, ताकि इसका लाभ पूरी मानवता तक पहुंच सके। ‘ग्लोबल डायलॉग ऑन एआई गवर्नेंस’ संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रस्ताव 79/325 के तहत स्थापित एक सार्वभौमिक और बहु-हितधारक मंच है। इसका गठन सितंबर 2024 में अपनाए गए ‘ग्लोबल डिजिटल कॉम्पैक्ट’ और ‘पैक्ट ऑफ द फ्यूचर’ के बाद किया गया। इस मंच पर एआई गवर्नेंस से जुड़े वैश्विक ढांचे को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया के तहत विभिन्न हितधारकों के साथ व्यापक परामर्श किए गए।










