
ईरान ने आर-पार की जंग का ऐलान किया है। ईरान कह चुका है कि दुश्मन चाहे कितना भी जोर लगाए, होर्मुज का सुल्तान वहीं था, वही है और वही रहेगा। ईरान ने कोड 009 शुरू किया है। ‘कोड 009’ इसलिए रखा है क्योंकि 9 जुलाई को ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई सुपुर्द ए खाक किए गए, जिसकी हत्या का बदला लेने की कसम मुज्तबा खामेनेई ने खाई है। इसलिए 9 अरब देशों में हमले करने का लक्ष्य रखा है। ये वो देश हैं, जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने हैं।
अब चर्चा शुरू हो गयी है कि क्या खाड़ी देश जायेंगें बर्बाद? इसे लेकर अरब देशों में खौफ की लहर है, क्योंकि ईरान ड्रोन से कहर बरपा रहा है। कतर में ईरान के हमलों से कोहराम मच गया। इस दौरान कतर के लोगों के मोबाइल पर ALERT आया था। अलर्ट के थोड़ी देर में ही कतर पर स्वॉर्म ड्रोन स्ट्राइक हुई, जिससे डरकर लोग शेल्टर की तरफ तुरंत भागे। इस दौरान इमारतों को ईरान के हमले में बड़ा नुकसान हुआ है। इस बार ईरान के तेवर इतने आक्रामक हैं कि अरब देशों में कोहराम मच गया है।
ईरान के कोड 009 के विशेष टारगेट :
अरब में पहला टारगेट इराक है, जो ईरान से 678 किमी दूर है।
दूसरा टारगेट 750 किमी दूर कुवैत है।
टारगेट नंबर 3 पर बहरीन है, जो तेहरान से 1018 किमी दूर है।
जबकि चौथा टारगेट कतर है..जो 1129 किमी दूर है।
टारगेट 5 पर सऊदी अरब है, 1238 किमी दूर मिसाइल हमला कर सकती है।
अगला टारगेट 1266 किमी दूर पड़ने वाला UAE है।
टारगेट 7 पर ओमान है, जो होर्मुज के पास पड़ता है। ईरान से 1461 किमी दूर है।
टारगेट नंबर 8 पर जॉर्डन है, जिसके बेस ईरान से 1495 किमी दूर हैं।
नौवां और आखिरी टारगेट इजराइल हैं, जहां 1550 किमी की दूरी तय करके मिसाइल हमला कर सकती हैं।
ईरान ने कतर के अल उदैद एयरबेस पर हमला करके कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को उड़ा दिया। इसके अलावा यूएई में अल दफरा एयरबेस पर हमला किया, जहां बड़ा नुकसान हुआ है। बहरीन में अमेरिकी नेवी के 5th फ्लीट के हेडक्वार्टर पर हमला किया। यहां हमलों से जबरदस्त नुकसान पहुंचा है। जॉर्डन के मुवफ्फक साल्ती एयरबेस पर हमला किया गया। यहां भी कमांड और कंट्रोल सेंटर तबाह कर दिया। इसके अलावा कुवैत अली अल सलेम एयरबेस पर हमला हुआ, जहां हैंगर को नुकसान पहुंचा है।
ईरान ने ओमान पर भी अटैक किया। इतने विध्वंसक हमलों पर ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकिर कालीबाफ ने कहा है कि एक तरफा डील का युग अब खत्म हो चुका है। अब अमेरिका को अब हर गुनाह की कीमत चुकानी होगी यानी ईरान ने बातचीत के सारे रास्ते बंद कर दिये हैं।
अमेरिका ने खाड़ी देशों में मौजूद अपने बेस से हमले किए हैं. अमेरिका ने पहली बार हाइमर्स का इस्तेमाल किया है। पहली बार PrSM और ATACMS मिसाइल से हमले किए। अमेरिका ने एक साथ ईरान के 12 शहरों पर हमले किए गए। इस बार राजधानी तेहरान पर सबसे बड़े हमले का दावा किया है। ओमान की खाड़ी से लेकर फारस की खाड़ी तक एक साथ हमले किए।












