
जयपुर,
बैठक में ब्रिक्स सदस्यों ने ‘ब्रिक्स आर्थिक साझेदारी रणनीति 2030’ को अंतिम रूप देने की दिशा में हुई प्रगति के लिए भारत के नेतृत्व की सराहना की। मंत्रियों ने रणनीति को ब्रिक्स शीर्ष नेताओं के अंतिम अनुमोदन के लिए प्रस्तुत करने पर सहमति जताई। रणनीति में व्यापार, सेवाएं, डिजिटल अर्थव्यवस्था, उद्योग, नवाचार, प्रौद्योगिकी, निवेश, वित्तीय सहयोग और सतत विकास जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
पीयूष गोयल ने भारत के किसानों के हितों की रक्षा और खाद्य एवं आजीविका सुरक्षा सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने विश्व व्यापार संगठन (WTO) को केंद्र में रखकर सुधार-उन्मुख, विकास-केंद्रित और नियम-आधारित बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली की आवश्यकता पर जोर दिया।
बैठक में व्यापार वित्त की कमी दूर करने और छोटे व्यवसायों की वैश्विक बाजारों तक पहुंच बढ़ाने के लिए ‘जयपुर सहमति’ को अपनाया गया। इसके तहत ब्रिक्स इनवॉइस डिस्काउंटिंग सिस्टम का अध्ययन किया जाएगा। निर्यात से जुड़े एमएसएमई के लिए क्रेडिट असेसमेंट गाइडिंग प्रिंसिपल्स को भी मंजूरी दी गई है, जिससे छोटे उद्यमों के मूल्यांकन में उनकी गिरवी संपत्तियों के बजाय कैश फ्लो को अधिक महत्व देने का रास्ता खुलेगा।
ब्रिक्स देशों ने सीमा-पार डिजिटल सेवाओं को सुगम बनाने के लिए सिद्धांतों को मंजूरी दी। इनका उद्देश्य सुरक्षित और भरोसेमंद डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में आपसी सहयोग मजबूत करना है। बैठक के समापन पर अध्यक्ष का वक्तव्य और निष्कर्ष दस्तावेज जारी किया गया, जिसमें चार अनुबंध शामिल हैं। 16वीं ब्रिक्स व्यापार मंत्रियों की बैठक को भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।









