राजस्थान में निकाय चुनावों में जनता का मूड करेगा हार जीत का फैसला, कल बुधवार को होगा मतदान, कहीं नेता नाराज, तो कहीं जनता जनार्दन में नाराजगी

राजस्थान में निकाय चुनाव में मिला जुला रुख दिखाई दे रहा है। सभी पार्टियों ने अपने बेहतर उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। लेकिन फिर भी अनेक सीटों पर टिकट बंटवारे को लेकर मतभेद दिखाई दे रहे हैं। कुछ जगह टिकट नहीं मिलने से कुछ लोग खुलकर सामने बोल रहे हैं तो कुछ अंदरखाने अपने गुस्से का इजहार कर रहे हैं। जाहिर है कि जिन लोगो को या उनके चहेते उम्मीदवार को टिकट नहीं मिला, वो पार्टी से खुश तो होंगे नहीं। अतः वे कहीं ना कहीं तो अपनी भड़ास निकलेंगें ही। हो सकता है कि वे पार्टी के खिलाफ ही प्रचार कर रहे हों।

कुछ सीटों पर कांग्रेस के लोग नाराज दिखाई दिए तो कहीं भारतीय जनता पार्टी के लोग नाराज हैं। वैसे ये कोई नई बात नहीं है क्योंकि ऐसा तो हर चुनाव में ही होता है। लेकिन टिकट बंटवारे को लेकर कई जगह तो बहुत अधिक मतभेद सामने आये हैं।

उदहारण के लिए मुख्य्मंत्री भजनलाल शर्मा के खुद के वार्ड संख्या 42 भरतपुर में लोगों का कहना है कि इस वार्ड की सीट सामान्य वर्ग की घोषित की गई।आम तौर पर सामान्य वर्ग की सीट पर सामान्य वर्ग के ही उम्मीदवारों को टिकट दिया जाता है, और सभी पार्टियों ने ऐसा ही किया। लेकिन भाजपा ने इस सामान्य वर्ग की सीट पर भी ओबीसी उम्मीदवार को टिकट दिया है, जोकि न्यायसंगत नहीं कहा जा सकता। क्योंकि इस वार्ड में करीब 75 प्रतिशत जनसँख्या सामान्य वर्ग की है। यदि ऐसा होगा तो जनता में गुस्सा तो स्वाभाविक है। पार्टी का क्या आंकलन रहा होगा, ये कहना तो मुश्किल है, लेकिन जनता का आंकलन क्या होगा ये तो चुनाव के नतीजे आने पर ही खुलासा हो सकेगा।

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