
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ के चुनाव के लिए आज शुक्रवार को मतदान हो रहा है। इसमें 2.75 लाख से ज्यादा छात्र मतदान करेंगे। चुनाव के नतीजे 19 सितंबर को घोषित किये जायेंगें। चुनाव दो चरणों में होगा। पहला चरण सुबह 8:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण दोपहर 3 बजे से शाम 7:30 बजे तक होगा। विश्वविद्यालय प्रशासन और दिल्ली पुलिस ने शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।
कैंपस में 600 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। दिल्ली पुलिस ने 150 से ज्यादा अधिकारियों को बॉडी वॉर्न कैमरे दिए हैं, ताकि वोटिंग प्रक्रिया की पूरी निगरानी हो सके। पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन से निगरानी की जाएगी। महिला कॉलेजों में महिला कॉन्स्टेबल तैनात की गई हैं, ताकि ईवीएम के जरिए मतदान सुचारू रूप से हो।
डूसू 2026 चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि ये जुलाई में जंतर-मंतर पर परीक्षा संबंधी गड़बड़ियों को लेकर ‘जेन जी’ के विरोध प्रदर्शन और दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में पीजी बिल्डिंग गिरने की घटना के बाद हो रहे हैं। इन घटनाओं ने विश्वविद्यालय में हॉस्टल की भारी कमी को फिर से उजागर किया था।
इस साल दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेजों या विभागों में दाखिला लेने वाले प्रथम वर्ष के छात्र भी मतदान कर सकते हैं। अगर कॉलेज आईडी कार्ड नहीं मिला है, तो वे वैध शुल्क रसीद के साथ आधार, पैन, वोटर आईडी या ड्राइविंग लाइसेंस जैसे सरकारी पहचान पत्र दिखाकर वोट डाल सकते हैं। दूसरे और तीसरे वर्ष के छात्रों को अपना वैध कॉलेज पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य है।
चुनाव मुख्य रूप से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) तथा कांग्रेस समर्थित नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) के बीच है। आम आदमी पार्टी और लेफ्ट संगठनों के उम्मीदवार भी मैदान में हैं। अध्यक्ष पद के लिए एबीवीपी के यश डबास का मुकाबला एनएसयूआई के विजय शंकर मीणा से है। कुल मिलाकर अध्यक्ष पद पर 25, उपाध्यक्ष पर 20, सचिव पर 24 और संयुक्त सचिव पद पर 19 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। एबीवीपी की ओर से उपाध्यक्ष पद पर इशू मौर्य, सचिव पद पर रिया छावड़ी और संयुक्त सचिव पद पर लक्ष्यराज सिंह मैदान में हैं। एनएसयूआई ने उपाध्यक्ष के लिए वीर छत्रथ, सचिव के लिए नम्रता चौधरी और संयुक्त सचिव के लिए गोपाल चौधरी को अपना उम्मीदवार बनाया है।











