करवाचौथ पर एक पति की तीन पत्नियों में पति का चेहरा देखकर पहले व्रत खोलने को लेकर झगड़ा हुआ, मामला पुलिस तक पहुंचा

करवाचौथ पर एक पति की तीन पत्नियों में पति का चेहरा देखकर पहले व्रत खोलने को लेकर झगड़ा हुआ। पहले मैं – पहले मैं के चक्कर में तीनों पत्नियों में तकरार होने लगी। झगड़ा इतना बढ़ गया कि मामला घर से निकलकर पुलिस चौकी पहुँच गया। तीनो पत्नियां इस जिद पर थीं कि पति का चेहरा देखकर पहले व्रत खोलेगी। अब पति के सामने समस्या ये थी कि एक पति तीन पत्नियों के सामने एक साथ अलग अलग कैसे खड़ा हो सकता है? आखिर वह कृष्ण भगवान् तो है नहीं कि अपने तीन प्रतिबिम्ब बना सके।

मामला कानपुर के बिठूर थाना क्षेत्र स्थित एक गांव का है। यहां युवक की पहली शादी के कई साल बाद तक जब कोई संतान नहीं हुई, तो उसकी पहली पत्नी ने खुद पहल करते हुए अपनी सहेली से पति की दूसरी शादी करवा दी। दूसरी पत्नी से युवक को एक बेटी हुई। इसके आलावा भी युवक ने एक तीसरी महिला से भी गुपचुप तीसरी शादी कर ली। करवा चौथ के दिन तीसरी पत्नी भी अचानक घर आ धमकी। इसके बाद तीनों पत्नियों के बीच इस बात को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई कि करवा चौथ की पूजा में पहले पति का चेहरा कौन देखेगी और पहले व्रत कौन तोड़ेगी।

मामला घर से निकलकर मंधना पुलिस चौकी जा पहुंचा। दो पत्नियां चौकी के अंदर पुलिस के सामने पति पर अपना हक जताती रहीं, जबकि तीसरी पत्नी बाहर खड़ी रही। पुलिस के समझाने के बाद जब वे बाहर निकलीं, तो बीच सड़क पर फिर से तीनों के बीच तू तू-मैं मैं होने लगी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, काफी हंगामे के बाद आखिरकार तीनों महिलाओं ने आपसी सहमति से एक साथ बैठकर पूजा करने और व्रत खोलने का रास्ता निकाला।

एक दूसरा मामला बिठूर के एक मोहल्ले का है। आमने-सामने रहने वाले एक युवक और युवती के बीच सालों से प्रेम प्रसंग चल रहा था। शुरुआत में नाबालिग होने के कारण जब परिजनों ने विरोध किया, तो दोनों किराए का कमरा लेकर लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे। बालिग होने के बाद जब युवक ने परिजनों से शादी की बात की, तो घरवालों ने फिर से इनकार कर दिया।

करवा चौथ पर प्रेमिका ने अपने प्रेमी के लिए निर्जला व्रत रखा और प्रेमी के साथ सीधे मंधना पुलिस चौकी पहुंच गई। उसने पुलिस के सामने साफ कह दिया कि वह अपना व्रत प्रेमी के घर जाकर ही तोड़ेगी। प्रेमी ने भी लड़की को अपने घर ले जाने के लिए पुलिस से सुरक्षा मांगी।

घटों चली पुलिसिया पंचायत और दोनों पक्षों की आपसी बातचीत के बाद प्रेमी के परिजन अंततः शादी के लिए राजी हो गए। इसके बाद युवती खुशी-खुशी अपने प्रेमी के घर गई और वहीं पारंपरिक तरीके से अपना व्रत खोला।

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