• जिला मूल्यांकन एवं अनुश्रवण पदाधिकारियों का भी होगा ऑक्सीजन इकोसिस्टम पर उन्मुखीकरण • राज्य स्वास्थ्य समिति एवं पाथ संस्था के सौजन्य से प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन • राज्य में 125 पीएसए ऑक्सीजन प्लांट क्रियाशील पटना/ 25 मार्च -पीएसए ऑक्सिजन प्लांट को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए आईटीआई तकनीशियनों के लिए शुक्रवार को दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला पटना के एक निजी होटल में प्रारम्भ हुआ। राज्य स्वास्थ्य समिति और पाथ संस्था के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला में जिला मूल्यांकन एवं अनुश्रवण पदाधिकारियों का भी उन्मुखीकरण किया जाएगा। प्रदेश में 125 पीएसए ( प्रेशर स्विंग एडजाब्र्र्शन) प्लांट संचालित हैं, जिसे आईटीआई तकनीशियन ऑपरेट करते हैं। दो दिवसीय कार्यशाला से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद तकनीशियन पीएसए प्लांट को बेहतर ढंग से संचालित कर सकेंगे, जिससे प्लांट से क्षमता के अनुरूप ऑक्सीजन का उत्पादन हो सकेगा। इससे अस्पतालों में भर्ती मरीजों को सुचारू रूप से ऑक्सीजन की आपूर्ति चालू रहेगी। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की किल्लत के कारण मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग को भी ऑक्सीजन की कमी को लेकर काफी मशक्कत करनी पड़ी। कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के मद्देनजर ऑक्सीजन की कमी दूर करने को लेकर सभी मेडिकल कालेज अस्पताल, सभी सदर अस्पताल, सभी अनुमंडलीय अस्पताल समेत कुछ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पीएसए प्लांट लगाने का निर्णय लिया गया। राज्य में 125 पीएसए प्लांट क्रियाशील है। बदलाव एवं शोध में तकनिशियनों की बड़ी भूमिका: राज्य स्वास्थ्य समिति क़े प्रशासी पदाधिकारी कमल नयन ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया में बड़े बदलाव एवं शोध का कार्य तकनीशियनो ने ही किए हैं। इसी प्रकार यह आवश्यक है कि प्रदेश में ऑक्सिजन की उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिए आइ.टी.आई के लिए तकनीशियनों की भूमिका अहम है। कार्यशाला को बिहार विकास मिशन के तकनीकि विशेषज्ञ आलोक कुमार ने भी संबोधित किया। राज्य के नोडल अधिकारी मनीष रंजन ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया और प्रशिक्षण में सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए आभार प्रकट किया। प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए पाथ संस्था के राज्य प्रतिनिधि अजीत कुमार सिंह ने बिहार राज्य के द्वारा प्रतिदिन किए गए आई.टी.आई प्रोफ़ेशनल की प्रतिनियुक्ति की सराहना करते हुए कहा कि कोविड के बाद स्वास्थ्य विभाग के द्वारा किए जा रहे प्रयासों को भारत के दूसरे प्रदेश द्वारा अंगीकार किया जा रहा है। इस अवसर पर पाथ के राज्य कार्यक्रम प्रबंधक अजीत कुमार सिंह, उप औषधि नियंत्रक राकेश कुमार, प्रशिक्षक, अलोक कुमार, ओमकार कुमार, निनाद, नितेश एवं शहाब हैदर ने पीएसए प्लांट को सही ढंग से देखरेख करने की तकनीक एवं मरीजों तक सुचारू रूप से ऑक्सीजन सप्लाई के तकनीकी पक्ष पर प्रकाश डाले और तकनीशियनों के सवालों के जवाब भी दिये।
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