नई दिल्ली।
सतगुरु ट्रैवल एंड टूर्स सर्विसेज ने प्रेस वार्ता करते हुए कहा कि हाल के दिनों में धीरज जैन द्वारा कंपनी पर अवैध रूप से बंधक बनाए जाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जो पूरी तरह भ्रामक, तथ्यहीन और वास्तविक तथ्यों से परे हैं।
कंपनी ने कहा है कि यह मामला किसी भी प्रकार की कैद, दबाव या अवैध हिरासत से संबंधित नहीं है। दरअसल यह मामला कैमरून गणराज्य में दर्ज पंजीकृत आपराधिक मामलों से जुड़ा है, जिनमें कथित मनगढ़ंत लूट की घटना, ग्राहकों की धनराशि को अवैध रूप से रोकने और गबन करने से जुड़े कई प्रकरण शामिल हैं। ये सभी घटनाएं कैमरून में घटित हुईं और इसी कारण वहां के कानून के तहत विधिक प्रक्रिया अपनाई गई।
सतगुरु ट्रैवल द्वारा डुआला टेरिटोरियल जेंडरमेरी ग्रुप, राष्ट्रीय जेंडरमेरी और कैमरून के रक्षा मंत्रालय के समक्ष औपचारिक शिकायतें दर्ज कराई गईं।
प्रारंभिक जांच के बाद न्यायिक पुलिस अधिकारी ने आधिकारिक रिपोर्ट दर्ज की, जिसके आधार पर धीरज जैन के विरुद्ध कई आपराधिक मामले पंजीकृत किए गए। इन मामलों में कुल राशि लगभग 99,107 अमेरिकी डॉलर है।
सभी दस्तावेज़ी साक्ष्य, ग्राहकों के बयान और वित्तीय रिकॉर्ड की समीक्षा के बाद, सक्षम कैमरूनियन न्यायालय ने आगे की जांच और सुनवाई लंबित रहने तक धीरज जैन को न्यायिक हिरासत में रखने का निर्णय लिया।
यह निर्णय पूरी तरह स्वतंत्र न्यायिक प्रक्रिया के तहत लिया गया था, जिसमें सतगुरु ट्रैवल की कोई भूमिका या हस्तक्षेप नहीं था। इस वैधानिक प्रक्रिया को “कैद” या “बंधक” के रूप में प्रस्तुत करना तथ्यात्मक रूप से गलत और भ्रामक है।
दुर्भाग्यपूर्ण रूप से, मामला न्यायालय में लंबित होने के बावजूद, सोशल मीडिया और सार्वजनिक बयानों के माध्यम से तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया, जिससे जनता में भ्रम फैलाने का प्रयास हुआ।
कंपनी का कहना है कि इस पूरे प्रकरण में कैमरून स्थित भारत के उच्चायोग को नियमित रूप से सूचित रखा गया है और उस पर लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं।
मानवीय आधार पर, और कानून का सम्मान करते हुए, सतगुरु ट्रैवल ने धीरज जैन के परिवार को सहयोग प्रदान किया है।
इसमें आवास और भोजन की व्यवस्था, 31 दिसंबर 2025 तक आवास व्यय का भुगतान, तथा उनकी पत्नी और बच्चे की सुरक्षित भारत वापसी हेतु सम्पूर्ण यात्रा व्यय वहन करने की औपचारिक प्रतिबद्धता शामिल है।
दिसंबर 2025 में स्वयं को जैन के परिवार का प्रतिनिधि बताने वाले एक व्यक्ति द्वारा सौहार्दपूर्ण समाधान हेतु संपर्क किया गया था। चर्चा के बाद राशि पर सहमति बनी, किंतु दो दिनों के भीतर ही उस प्रतिनिधि ने समझौते से पीछे हटने का निर्णय लिया।
सतगुरु ट्रैवल स्पष्ट करता है कि यह मामला कैमरून की सक्षम अदालतों के समक्ष विचाराधीन है और इसका निर्णय केवल कानून, साक्ष्यों और न्यायिक समीक्षा के आधार पर ही होगा।
हम कानून के शासन में अपने अटूट विश्वास की पुनः पुष्टि करते हैं और मीडिया व जनता से अपील करते हैं कि वे सत्यापित तथ्यों और गढ़ी गई कहानियों के बीच स्पष्ट अंतर करें। यह प्रेस संदेश पारदर्शिता और सार्वजनिक स्पष्टता के हित में यह वक्तव्य जारी किया है।







