श्रीप्रकाश शुक्ल मेमोरियल ट्रस्ट, आगरा द्वारा सूर कुटी, रुनकता में “सूर संध्या काव्य गोष्ठी”

आगरा।

श्रीप्रकाश शुक्ल मेमोरियल ट्रस्ट, आगरा द्वारा सूर कुटी, रुनकता में आयोजित “सूर संध्या काव्य गोष्ठी” गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुई। स्वर्गीय श्रीप्रकाश शुक्ल जी की स्मृति को समर्पित इस आयोजन में साहित्य, संस्कृति एवं सेवा का सुंदर समन्वय देखने को मिला।

कार्यक्रम का शुभारम्भ माँ सरस्वती एवं स्वर्गीय श्रीप्रकाश शुक्ल जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। उपस्थित साहित्यकारों एवं अतिथियों ने महाकवि सूरदास को नमन करते हुए उनके साहित्यिक योगदान का स्मरण किया।

कार्यक्रम के अंतर्गत महाकवि सूर स्मारक दृष्टिबाधित शिक्षण-प्रशिक्षण विद्यालय के विद्यार्थियों के साथ आत्मीय समय व्यतीत किया गया तथा उन्हें भोजन-प्रसादी वितरित की गई। इस अवसर पर सभी ने अनुभव किया कि साहित्य तभी सार्थक है, जब वह समाज के वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों तक स्नेह और सहयोग का संदेश पहुँचाए।

ब्रज भाषा के प्रतिष्ठित कवियों—डॉ. रामेन्द्र शर्मा ‘रवि’, आचार्य उमाशंकर पाराशर, आचार्य निर्मल (मथुरा), राकेश निर्मल, राकेश शर्मा ‘दद्दू’ एवं श्रीमती मीना शर्मा ने अपनी काव्य प्रस्तुतियों से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।

ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री राकेश चन्द्र शुक्ल ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वर्गीय श्रीप्रकाश शुक्ल जी के आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने के लिए ट्रस्ट भविष्य में भी ऐसे आयोजन करता रहेगा। उन्होंने कहा कि “सेवा, साहित्य और संस्कार—इन्हीं तीन आधारों पर एक सशक्त एवं संवेदनशील समाज का निर्माण संभव है।”

विशेष अतिथि प्रभाकर शर्मा (आईआरएस) ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि महाकवि सूरदास और गोस्वामी तुलसीदास दोनों ने ब्रज भाषा को अपनी अनेक रचनाओं के माध्यम से समृद्ध किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

सूर कुटी के प्रधानाचार्य महेश कुमार ने कहा कि ऐसे साहित्यिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम नई पीढ़ी को भाषा, संस्कृति एवं जीवन मूल्यों से जोड़ने का कार्य करते हैं।

इस अवसर पर श्रीमती निशा शुक्ला, श्री अवनीश शुक्ला, अतुल पाण्डेय (एसडीओ), डॉ. नरसिंह नरवार, एकता, एकांश, दुर्गेश पाण्डेय, संध्या बघेल, रोहित, बंटी, उदयवीर सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. रामेन्द्र शर्मा ‘रवि’ ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन श्रीमती निशा शुक्ला ने प्रस्तुत किया।

“साहित्य, सेवा एवं संवेदना का पावन संगम” की भावना के साथ सम्पन्न यह आयोजन ब्रज संस्कृति एवं मानवीय मूल्यों के संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।

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