जंतर मंतर पर तथाकथित शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने वालों के पास से तलवारें, लाठियां, नुकीले हथियार, पत्थर, पीपर स्प्रे मिले

नई दिल्ली।

जंतर मंतर पर तथाकथित शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने वालों के पास से तलवारें, लाठियां, नुकीले हथियार, पत्थर, पीपर स्प्रे इत्यादि मिले है जिनसे पुलिस और RAF पर पहले हमला किया गया। बाद में पुलिस द्वारा जवाबी कार्यवाही की गई।

ये नीट और छात्रों का मामला है ही नहीं, बल्कि ये सब कुछ हो रहा है FCRA Rules Amended को रोकने के लिए। क्योंकि मोदी सरकार FCRA नियमों में बदलाव करने वाली है, जिसकी वजह से किसी भी एनजीओ की विदेशी फंडिंग पर न सिर्फ अंकुश लगेगा बल्कि उन्हें सरकार को पूर्ण जानकारी के साथ जवाब भी देना पड़ेगा। जिससे वांगचुक और अनेकों कांग्रेसी नेताओं की दुकानें बंद होने वाली हैं जिनके द्वारा ये विदेशों से पैसा लेकर देश में उपद्रव कराते हैं।
वांगचुक के 9 अकाउंट में से 8 अकाउंट गुप्त थे और उनमें करोड़ो की विदेशी फंडिंग आ रही थी जिसके बारे में वांगचुक से जवाब मांगा गया था, लेकिन वांगचुक उसका जवाब और हिसाब ही नहीं दे सके। फिर वांगचुक को जेल जाने का डर सताने लगा तो उन्होंने छात्रों की आड़ लेकर धरना करने की नौटंकी कर दी।

देश में अराजकता फैलाने के लिए सोरोस, मैग्सेसे फाउंडेशन, ISIS, सिमी आदि बहुत से संगठन तैयार बैठे है, उनके द्वारा भारत के बहुत से फर्जी एनजीओ में फंडिंग की जा रही है। उसी को रोकने के लिए मोदी सरकार FCRA Rules Amended करना चाहती हैं।
ऑपरेशन सिंदूर के समय भी पाकिस्तान की तरफ से बहुत से लोगों के अकाउंट में आर्मी की गतिविधियां बताने के लिए फंडिंग की गई थी, कितने ही यू ट्यूबर और इंफ्लूएंसर पकड़े गए थे।

20-21 जुलाई को ही FCRA Rules Amended बिल संसद में पेश होना था…और इसी लिए संसद की कार्यवाही स्थगित करने का प्लान था। आप सोचिए इतने दिनों से जंतर मंतर पर अनशन हो रहा है…हजारों लोगों का 3 टाइम का खाना पीना आ रहा है…,कौन कर रहा है फंडिंग ? किसे फायदा होगा देश में अराजकता के माहौल से ?
राहुल गांधी का एक बयान याद है ??
“देश में सब जगह पेट्रोल छिड़का हुआ है…बस आग लगने की देर है”

जो नेता देश में हर समय दंगों की आग लगाने के लिए तैयार रहता है, ऐसे नेता को नंगे करके जूते मारते हुए जनता के सामने सड़क पर दौड़ाना चाहिए ताकि जनता इनकी घटिया देश विरोधी मानसिकता को पहचान सके।

ऐसे आंदोलनों का समर्थन करके आप जाने अनजाने देश के दुश्मनों का साथ दे रहे हैं…देश विरोधियों को मौका दे रहे हैं।

हमारे लिए किसी भी पार्टी से पहले देश होना चाहिए। राष्ट्र सर्वोपरि, जो देश का नहीं वो किसी का भी नहीं।

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